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सतलोक आश्रम से सामने आया गंभीर मामला, बच्चे से कुकर्म के आरोप में FIR

nidhi
27 Sept 2026 1:14 PM IST
सतलोक आश्रम से सामने आया गंभीर मामला, बच्चे से कुकर्म के आरोप में FIR
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11 साल के मासूम से कुकर्म का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया केस

गोहाना : सतलोक आश्रम में 11 वर्षीय बच्चे के साथ कथित कुकर्म का गंभीर मामला सामने आया है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। नाबालिग से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई कर रही है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक 11 वर्षीय बच्चे के साथ आश्रम परिसर में कथित तौर पर कुकर्म किए जाने का आरोप है। बच्चे से जुड़ी घटना की जानकारी परिजनों तक पहुंचने के बाद मामला पुलिस के पास पहुंचा। शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण उसकी पहचान और उससे संबंधित व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। पुलिस भी POCSO कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए मामले की जांच कर रही है। बच्चे और उसके परिवार से घटना से संबंधित आवश्यक जानकारी ली जा रही है।
इस गंभीर आरोप के सामने आने के बाद आश्रम में घटना किन परिस्थितियों में हुई और उस समय वहां कौन-कौन मौजूद था, जैसे सवाल भी जांच का हिस्सा हैं। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है। मामले से संबंधित तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
POCSO एक्ट बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने के लिए बनाया गया विशेष कानून है। इसके तहत नाबालिग से जुड़े यौन अपराधों के मामलों में बच्चे की पहचान गोपनीय रखने के साथ जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उसकी सुरक्षा और हितों का विशेष ध्यान रखने का प्रावधान है।
घटना के बाद बच्चे के परिजन भी मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस के सामने अब शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने और घटना से संबंधित साक्ष्य जुटाने की जिम्मेदारी है। जांच के दौरान संबंधित लोगों के बयान भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
फिलहाल पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना कब और किन परिस्थितियों में हुई तथा इसमें किसकी क्या भूमिका रही। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के आधार पर ही होगी। नाबालिग से जुड़ा होने के कारण इस मामले में संवेदनशीलता और गोपनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है। बच्चे की पहचान उजागर करने वाली किसी भी जानकारी, तस्वीर या अन्य विवरण को सार्वजनिक करने से बचना चाहिए।

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