हरियाणा

छात्रों की शिकायत के बाद स्कूल का निरीक्षण

Kiran
23 Sept 2026 1:05 PM IST
छात्रों की शिकायत के बाद स्कूल का निरीक्षण
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Haryana हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने सोनीपत ज़िले के गोहाना स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों की 104 शिकायतों पर संज्ञान लिया है। आयोग ने स्कूल के बुनियादी ढांचे और स्कूल परिसर के आसपास कथित अतिक्रमण के बारे में विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। खास बात यह है कि इन सभी बच्चों ने अपनी शिकायतें अलग-अलग पोस्टकार्ड के ज़रिए आयोग को भेजी थीं।
छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दे
छात्रों ने मुख्य रूप से खेल के मैदान की कमी, क्लासरूम में अपर्याप्त जगह और हवा-रोशनी की कमी, खेल और प्रयोगशाला की सुविधाओं की कमी और स्कूल परिसर के आसपास कथित अतिक्रमण के मुद्दे उठाए हैं। शिकायतकर्ताओं ने कथित अतिक्रमण को हटाने और स्कूल के लिए उपलब्ध बताई गई ज़मीन पर स्कूल की इमारत और खेल का मैदान विकसित करने की मांग की है।
'सुरक्षित बुनियादी ढांचा सार्थक शिक्षा से जुड़ा है'
आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा ने अपने आदेश में कहा कि बच्चों के शिक्षा के अधिकार का सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त स्कूल बुनियादी ढांचे की उपलब्धता से गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि अच्छा स्कूल बुनियादी ढांचा, उचित हवा-रोशनी, सीखने के लिए पर्याप्त जगह और खेल व शारीरिक गतिविधियों की सुविधाएं बच्चों के स्वास्थ्य, सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा तक सार्थक पहुंच से निकटता से जुड़ी हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले शिकायतों में लगाए गए आरोपों की तथ्यात्मक जांच ज़रूरी है।
राज्य शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई
आयोग ने सोनीपत के ज़िला शिक्षा अधिकारी (DEO) के माध्यम से हरियाणा के माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक को निर्देश दिया है कि वे स्कूल का भौतिक निरीक्षण करें और विस्तृत रिपोर्ट सौंपें। यह रिपोर्ट स्कूल के नाम या कब्ज़े में दर्ज कुल ज़मीन और उसकी वर्तमान स्थिति, खेल के मैदान की उपलब्धता और हालत, क्लासरूम की संख्या और आकार, हवा-रोशनी की व्यवस्था, और प्रयोगशाला, खेल सुविधाओं, शौचालय और पीने के पानी जैसी ज़रूरी सुविधाओं की स्थिति के बारे में मांगी गई है। अधिकारियों को छात्रों की स्वीकृत संख्या और वर्तमान नामांकन का विवरण देने का भी निर्देश दिया गया है।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि कथित 3.5 एकड़ ज़मीन की स्थिति और मालिकाना हक की जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि क्या उक्त ज़मीन स्कूल की इमारत और/या खेल के मैदान के लिए निर्धारित या उपलब्ध है। रिपोर्ट में यह भी बताया जाना चाहिए कि क्या मौजूदा बुनियादी ढांचा हरियाणा स्कूल शिक्षा नियमों और अन्य लागू मानदंडों के प्रावधानों का पालन करता है। अतिक्रमण के आरोपों की जांच के निर्देश
सोनीपत के डिप्टी कमिश्नर को निर्देश दिया गया है कि वे ज़मीन के मालिकाना हक और स्थिति, तथा अतिक्रमण के आरोपों की जांच संबंधित राजस्व या स्थानीय अथॉरिटी से करवाएं। अगर स्कूल की ज़मीन या स्कूल के लिए तय ज़मीन पर कोई अतिक्रमण पाया जाता है, तो अधिकारियों को उसे हटाने के लिए प्रस्तावित कार्रवाई के बारे में बताने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने अधिकारियों को स्कूल की इमारत, क्लासरूम, लैब, वर्कशॉप, खेल के मैदान, आस-पास की ज़मीन और कथित अतिक्रमण की हालिया तस्वीरें जमा करने का भी निर्देश दिया है। साथ ही, एक साइट प्लान या सीमांकन रिपोर्ट भी देनी होगी जिसमें स्कूल की ज़मीन और अतिक्रमण वाले हिस्से को साफ-साफ दिखाया गया हो।
तत्काल सुविधाओं की गुंजाइश
अधिकारियों से यह भी पूछा गया है कि क्या स्थायी समाधान होने तक छात्रों के लिए खेल और अन्य ज़रूरी सुविधाओं के लिए कोई तत्काल या अस्थायी इंतज़ाम करने की ज़रूरत है। असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि इस मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को आयोग के सामने होगी। सभी संबंधित अधिकारियों को सुनवाई की अगली तारीख से कम से कम एक हफ़्ते पहले आयोग को ज़रूरी रिपोर्ट जमा करनी होगी। अरोड़ा ने कहा कि इस शिकायत को मुख्य शिकायत माना गया है और मौजूदा आदेश उन बाकी 103 जुड़ी हुई शिकायतों पर भी लागू होगा जिनमें एक जैसे या काफी हद तक मिलते-जुलते मुद्दे हैं।
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