हरियाणा

सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन 34 हिरासत में

Kavita2
3 Sept 2026 11:54 AM IST
सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन 34 हिरासत में
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गुरुग्राम। गुरुग्राम के फरुखनगर नगर पालिका क्षेत्र में सफाई कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को उग्र रूप ले गया। कर्मचारियों ने अपनी नाराजगी जताते हुए नगर पालिका कार्यालय परिसर में कूड़ा डाल दिया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कई सफाई कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।

जानकारी के अनुसार, फरुखनगर नगर पालिका के सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर विरोध कर रहे थे। गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में कर्मचारी नगर पालिका कार्यालय पहुंचे और वहां कूड़ा डालकर अपना विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों का कहना था कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कार्यालय परिसर में कूड़ा डालकर अपना आक्रोश जताया। कर्मचारियों के इस कदम के बाद नगर पालिका कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

वहीं दूसरी ओर, बताया जा रहा है कि ठेकेदार ने सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए निजी कर्मचारियों से कूड़ा उठवाने का काम शुरू कर दिया है। सफाई कर्मचारियों के विरोध के बीच प्राइवेट कर्मचारियों से काम लेने को लेकर भी विवाद बढ़ गया है।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को समझाने की कोशिश की। हालांकि विरोध कर रहे कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।

इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई सफाई कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। जानकारी के मुताबिक पुलिस 34 सफाई कर्मचारियों को बस में बैठाकर अपने साथ ले गई। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ गई।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे थे। उनका आरोप है कि उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय प्रशासन की ओर से सख्ती बरती जा रही है। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

फरुखनगर नगर पालिका क्षेत्र में सफाई व्यवस्था एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में कूड़ा उठाने और सफाई का काम सफाई कर्मचारियों के माध्यम से किया जाता है। ऐसे में कर्मचारियों की हड़ताल या विरोध का सीधा असर सफाई व्यवस्था पर पड़ सकता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सफाई कर्मचारियों के विरोध के कारण क्षेत्र में कूड़ा उठाने को लेकर परेशानी बढ़ सकती है। हालांकि ठेकेदार द्वारा निजी कर्मचारियों से काम करवाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कर्मचारियों और प्रशासन के बीच बातचीत जरूरी मानी जा रही है।

नगर पालिका प्रशासन की ओर से इस मामले में विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। वहीं पुलिस की कार्रवाई के बाद अब कर्मचारियों की मांगों और उनके विरोध प्रदर्शन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सफाई कर्मचारी शहर की व्यवस्था को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं और मांगों को कई बार नजरअंदाज किया जाता है। इसी कारण कर्मचारियों को मजबूर होकर प्रदर्शन करना पड़ता है।

वहीं प्रशासन की चिंता यह है कि विरोध के दौरान नगर पालिका कार्यालय में कूड़ा डालने से सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ और परिसर में अव्यवस्था की स्थिति बनी। पुलिस ने इसी को देखते हुए स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए कार्रवाई की।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। हिरासत में लिए गए कर्मचारियों के संबंध में आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी।

इस पूरे मामले के बाद अब सभी की नजर सफाई कर्मचारियों और नगर पालिका प्रशासन के बीच होने वाली बातचीत पर है। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है तो सफाई व्यवस्था सामान्य हो सकती है, लेकिन विवाद जारी रहने पर क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

फिलहाल फरुखनगर में सफाई कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर पालिका कार्यालय में कूड़ा डालकर किए गए प्रदर्शन और 34 कर्मचारियों की हिरासत के बाद मामला और गंभीर हो गया है।

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