
सिरसा। सफाई कर्मचारियों की पिछले 15 दिनों से जारी हड़ताल का असर अब शहरों की कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। कई इलाकों में घरों, दुकानों और सार्वजनिक कचरा प्वाइंटों पर कूड़े के ढेर बढ़ते जा रहे हैं। नियमित सफाई और कचरा उठान प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कचरा उठाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन हड़ताली कर्मचारियों के विरोध के कारण यह व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पा रही है।
सिरसा में स्थिति लगातार बिगड़ने के बीच चार कचरा प्वाइंटों पर आग लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं। कचरे के ढेर बढ़ने और सफाई व्यवस्था प्रभावित होने को लेकर सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया ने हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने याचिका के माध्यम से हड़ताल के दौरान शहर में पैदा हुए हालात और प्रशासन की ओर से किए जा रहे इंतजामों पर सवाल उठाए हैं।
हाईकोर्ट ने स्थानीय निकाय विभाग को भेजा नोटिस
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्थानीय शहरी निकाय विभाग को नोटिस जारी किया है। अदालत ने विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से हड़ताल के दौरान सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी शपथपत्र के माध्यम से मांगी है।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तारीख निर्धारित की है। अब विभाग को यह बताना होगा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान शहर में कचरा प्रबंधन को सुचारू रखने के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गईं और उन व्यवस्थाओं का जमीन पर कितना असर हुआ।
15 दिन से प्रभावित है सफाई व्यवस्था
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने के कारण शहरों में रोजाना निकलने वाले कचरे का नियमित उठान प्रभावित हुआ है। आम तौर पर घरों और दुकानों से निकलने वाला कचरा निर्धारित व्यवस्था के तहत कचरा संग्रहण केंद्रों और डंपिंग प्वाइंटों तक पहुंचाया जाता है। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण यह प्रक्रिया कई जगह बाधित हो गई है।
इसका सीधा असर रिहायशी इलाकों और बाजारों में दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर कूड़ा जमा होने से दुर्गंध और गंदगी की स्थिति पैदा हो रही है। लोगों को आशंका है कि यदि हड़ताल जल्द समाप्त नहीं हुई तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
वैकल्पिक व्यवस्था भी चुनौती बनी
प्रशासन की ओर से हड़ताल के बीच कचरा उठाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, कई स्थानों पर इस व्यवस्था को लेकर विरोध की स्थिति सामने आ रही है। हड़ताली कर्मचारी वैकल्पिक माध्यमों से कचरा उठाने की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं।
इस कारण प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ उसे शहर को साफ रखना है, वहीं दूसरी ओर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के विरोध के बीच वैकल्पिक सफाई व्यवस्था को लागू करना भी आसान नहीं है।
यदि वैकल्पिक व्यवस्था पर्याप्त रूप से काम नहीं करती है तो कचरे का दबाव लगातार बढ़ सकता है। लंबे समय तक कचरा जमा रहने से सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े सवाल भी उठ सकते हैं।
सिरसा में चार कचरा प्वाइंटों पर आग
सिरसा में हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चार अलग-अलग कचरा प्वाइंटों पर आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। कचरे के ढेर में आग लगने से आसपास के इलाकों में धुआं फैलने और लोगों को परेशानी होने की आशंका बनी रहती है।
कचरे के ढेर में आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं है। हालांकि, लगातार जमा हो रहे कचरे के कारण आग की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं के बाद कचरा प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
विधायक ने अदालत का दरवाजा खटखटाया
सफाई व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में हड़ताल के कारण शहर में पैदा हुए हालात और प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रबंधों पर सवाल उठाए गए हैं।
याचिका के माध्यम से यह मुद्दा अदालत के सामने रखा गया कि लंबे समय तक सफाई व्यवस्था प्रभावित रहने के दौरान प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जा रहे हैं। खासतौर पर कचरे के बढ़ते ढेर और उसके निस्तारण के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर जानकारी मांगी गई है।
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय शहरी निकाय विभाग से जवाब तलब किया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव को शपथपत्र के माध्यम से उठाए गए कदमों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
27 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी। उस दिन विभाग की ओर से अदालत में शपथपत्र दाखिल कर हड़ताल के दौरान सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी जा सकती है।
अदालत की ओर से मांगी गई जानकारी में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि शहर में कचरा संग्रहण और निस्तारण के लिए क्या वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, यह भी सामने आ सकता है कि इन व्यवस्थाओं के संचालन में किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल खत्म होने पर टिकी नजर
फिलहाल सफाई कर्मचारियों की हड़ताल कब तक जारी रहेगी, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। हड़ताल लंबी चलने पर कचरा प्रबंधन की समस्या और गंभीर होने की आशंका है।
प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती शहरों में सफाई व्यवस्था को सामान्य बनाए रखना है। वहीं, कर्मचारियों की मांगों का समाधान कर हड़ताल समाप्त कराना भी जरूरी होगा। जब तक दोनों पक्षों के बीच समाधान नहीं निकलता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था पर दबाव बना रहेगा।
कुल मिलाकर, 15 दिन से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने कचरा प्रबंधन व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। सिरसा में चार कचरा प्वाइंटों पर आग की घटनाओं और बढ़ते कचरे के ढेर के बीच मामला अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। अदालत ने स्थानीय शहरी निकाय विभाग से जवाब मांगा है और 27 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई में प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।





