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PM के दौरे के बाद जींद में सफाई व्यवस्था पर सवाल, मुख्य मार्गों पर फिर दिखे कूड़े के ढेर

Kavita2
18 July 2026 3:35 PM IST
PM के दौरे के बाद जींद में सफाई व्यवस्था पर सवाल, मुख्य मार्गों पर फिर दिखे कूड़े के ढेर
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जींद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले शहर में जिस तेजी से सफाई अभियान चलाया गया था, उसके बाद अब एक बार फिर शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों की आशंका थी कि प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर विशेष सफाई व्यवस्था की जा रही है और उनके जाने के बाद हालात फिर पहले जैसे हो जाएंगे। अब दौरे के 24 घंटे के भीतर ही शहर के मुख्य मार्गों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री के आगमन से पहले शहर की सड़कों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर सफाई अभियान चलाया गया था। कई इलाकों में कूड़ा हटाया गया, सड़कों की सफाई की गई और व्यवस्था को बेहतर दिखाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। लेकिन प्रधानमंत्री के वापस जाने के बाद सफाई व्यवस्था फिर पुराने ढर्रे पर लौटती दिखाई दे रही है।

शहर के मुख्य मार्गों पर जमा कूड़े के ढेर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। कई जगहों पर सड़क किनारे गंदगी फैली हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा लग रहा है जैसे कुछ समय तक घरों या आसपास के क्षेत्रों से कूड़ा नहीं उठाया गया और बाद में अचानक उसे सड़कों पर डाल दिया गया।

नागरिकों ने नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था केवल किसी वीआईपी दौरे तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शहर की स्वच्छता नियमित प्रक्रिया का हिस्सा होनी चाहिए, ताकि आम लोगों को भी साफ वातावरण मिल सके।

लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान जिस तरह से सफाई कर्मचारियों और अधिकारियों की सक्रियता दिखाई दी, वैसी ही व्यवस्था पूरे साल बनी रहनी चाहिए। उनका आरोप है कि अक्सर बड़े नेताओं के कार्यक्रमों से पहले शहर को साफ-सुथरा बनाया जाता है, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद निगरानी और नियमित सफाई में कमी आ जाती है।

शहरवासियों ने मांग की है कि नगर परिषद और संबंधित विभाग सफाई व्यवस्था को लेकर स्थायी योजना बनाएं। कूड़ा उठाने की नियमित व्यवस्था, सार्वजनिक स्थानों की सफाई और कचरा प्रबंधन पर लगातार निगरानी की जरूरत है।

स्वच्छता विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी शहर को साफ रखने के लिए केवल विशेष अभियान पर्याप्त नहीं होते। इसके लिए रोजाना कचरा संग्रहण, समय पर निस्तारण और नागरिकों की भागीदारी जरूरी होती है। यदि सफाई व्यवस्था केवल किसी आयोजन या दौरे तक सीमित रहती है, तो लंबे समय तक इसका असर नहीं दिखता।

स्थानीय निवासियों ने यह भी कहा कि सड़कों पर फैली गंदगी से न केवल शहर की छवि खराब होती है, बल्कि इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। बारिश के मौसम में कूड़े के ढेर से बदबू, जलभराव और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान जिस तरह से सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई थी, उसी स्तर की निगरानी अब भी जारी रखी जाए। उनका कहना है कि शहर की सफाई किसी विशेष अवसर के लिए नहीं बल्कि रोजमर्रा की जरूरत है।

वहीं, प्रशासन की ओर से अभी इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि शहर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जाते हैं और शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है।

प्रधानमंत्री के दौरे के बाद शहर में दोबारा दिख रही गंदगी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सफाई अभियान केवल दिखावे तक सीमित हैं या फिर शहर को वास्तव में स्वच्छ बनाए रखने के लिए स्थायी कदम उठाए जाएंगे।

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