
Rohtak रोहतक: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग और Happytude Laboratory द्वारा 'अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस' के अवसर पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि खुशी दूसरों की देखभाल करने, उनके साथ चीजें बांटने और उन्हें समझने से मिलती है। साथ ही, लोगों को दयालु बनने, एक-दूसरे से जुड़े रहने और एक शांतिपूर्ण व खुशहाल समाज के निर्माण के लिए मिलकर काम करने हेतु भी प्रोत्साहित किया गया।
'एक साथ देखभाल करें, एक साथ बांटें और एक साथ आगे बढ़ें' (Care together, share together, and flourish together) शीर्षक वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य करुणा, आपसी सम्मान और सामूहिक कल्याण के मूल्यों को बढ़ावा देना था। इस कार्यक्रम में संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. अंजली मलिक ने आज के तनावपूर्ण दौर में शांति और भावनात्मक कल्याण की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि एक सामंजस्यपूर्ण समाज के लिए देखभाल, सहयोग और आपसी समझ की संस्कृति को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में, Happytude Laboratory की प्रभारी प्रोफेसर और इस कार्यशाला की संयोजक प्रो. दीप्ति हुड्डा ने औपचारिक रूप से धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम के मुख्य बिंदुओं का सारांश प्रस्तुत किया और एक सकारात्मक व समावेशी वातावरण के निर्माण में 'अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस' मनाने के महत्व को रेखांकित किया।





