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Haryana हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन, सिरसा डिपो ने बस के टायरों की कमी, लंबित मांगों और बोनस का भुगतान न होने को लेकर चिंता जताई है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो कर्मचारी आंदोलन शुरू कर सकते हैं। यह बैठक डिपो अध्यक्ष पृथ्वी सिंह चाहर की अध्यक्षता में हुई। इसमें यूनियन सचिव सतपाल सिंह रानिया, कोषाध्यक्ष कृष्ण माचरा और यूनियन के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
चाहर ने बताया कि टायरों की कमी के कारण पूरे हरियाणा में हर दिन सैकड़ों बसें सड़क पर नहीं उतर पातीं। उन्होंने सरकार के उस फैसले पर सवाल उठाया, जिसके तहत कोविड काल के दौरान 'किलोमीटर-स्कीम' बस ऑपरेटरों को 50 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि बसों को चलाने के लिए पर्याप्त टायर उपलब्ध कराने में सरकार विफल रही।
यूनियन नेताओं का आरोप है कि परिवहन विभाग को लेकर सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि 16 जून को यूनियन के साथ हुई बैठक में जिन मांगों पर सहमति बनी थी, वे अभी भी लंबित हैं। दीवाली के करीब आने के कारण, यूनियन ने चेतावनी दी है कि टायरों की कमी से बस सेवाएं बाधित हो सकती हैं और त्योहारों के दौरान यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। नेताओं ने यह भी कहा कि रोडवेज के ड्राइवर और कंडक्टर पिछले 12 वर्षों से बोनस नहीं पा सके हैं, जबकि वे यात्रियों को सुरक्षित उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।
यूनियन प्रतिनिधियों ने 'हिट-एंड-रन' प्रावधानों, सड़क सुरक्षा विधेयक (रोड सेफ्टी बिल) और लेबर कोड (श्रम संहिताओं) पर भी चिंता जताई। उनका दावा है कि इनसे कर्मचारियों के अधिकारों पर बुरा असर पड़ सकता है। बैठक में मौजूद अन्य पदाधिकारियों में प्रेस सचिव मोहित जेलदार, कार्यालय सचिव नरेंद्र सिंह गुर्जर, कानूनी सलाहकार जय भगवान फौजी, संगठन सचिव कीमत सिंह ढांडा के अलावा सिरसा, रानिया, ऐलनाबाद, चोपटा और कालांवाली के प्रतिनिधि शामिल थे। यूनियन ने सरकार से कर्मचारियों की समस्याओं को सुलझाने और लंबित मांगों को लागू करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो कर्मचारी विरोध-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
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