हरियाणा

स्वाइन फ्लू का बढ़ा खतरा तीन मामले सामने एक मरीज की मौत

nidhi
3 Sept 2026 8:13 AM IST
स्वाइन फ्लू का बढ़ा खतरा तीन मामले सामने एक मरीज की मौत
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स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई चिंता

सिरसा: हरियाणा सहित आसपास के क्षेत्रों में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामले सामने आने के बाद सिरसा में भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। बदलते मौसम और दूसरे जिलों में संक्रमण के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संभावित मरीजों की पहचान, जांच और इलाज के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। नागरिक अस्पताल में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध और संक्रमित मरीजों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार किया है। शुरुआती तौर पर इस वार्ड में तीन बेड की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर सुविधाओं और बेड की संख्या बढ़ाई जा सकती है। अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों को भी संक्रमण के संभावित मामलों को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार स्वाइन फ्लू को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है। बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, शरीर में दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। स्वाइन फ्लू H1N1 इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाला श्वसन संक्रमण है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने के दौरान निकलने वाली बूंदों के जरिए संक्रमण दूसरे लोगों तक पहुंच सकता है। इसी कारण भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी रखने और खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने की सलाह दी जा रही है।
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने भी स्वाइन फ्लू से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों से बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोने, पर्याप्त पानी पीने, पौष्टिक भोजन लेने और पर्याप्त आराम करने की अपील की गई है। बुखार, खांसी या छींक जैसे लक्षण होने पर सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचने की सलाह भी दी गई है।
प्रदेश में मौसमी इन्फ्लुएंजा की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी रख रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों को संभावित मरीजों की समय पर पहचान और उपचार के लिए तैयार रहने को कहा गया है। विभाग का कहना है कि समय रहते चिकित्सकीय सलाह और उचित इलाज से संक्रमण को गंभीर होने से रोका जा सकता है। सिरसा में भी स्वास्थ्य विभाग इसी रणनीति के तहत तैयारियां कर रहा है। अस्पताल में अलग वार्ड बनाने का उद्देश्य संदिग्ध या संक्रमित मरीज को अन्य मरीजों से अलग रखकर इलाज उपलब्ध कराना और संक्रमण फैलने की आशंका को कम करना है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा नहीं लेने की अपील की है। यदि लगातार तेज बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो रही हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचना चाहिए। स्वाइन फ्लू को लेकर बढ़ी सतर्कता के बीच स्वास्थ्य विभाग का जोर फिलहाल निगरानी, समय पर जांच और इलाज पर है। साथ ही आम लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने और संक्रमण के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने को कहा गया है।
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