
रेवाड़ी: रेवाड़ी की अनाज मंडी में सोमवार को बाजार खरीद की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के किसानों ने मंडी के गेट पर ताला जड़ दिया। इस दौरान मौके पर पहले से मौजूद पुलिसकर्मियों और किसानों के बीच झड़प भी हो गई। इसके बाद किसान मंडी के गेट के सामने धरने पर बैठ गए। किसानों ने सरकार से बाजरे की समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू करने की मांग की।
धरने की सूचना मिलने के बाद मार्केट कमेटी की ओर से नरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। कुछ देर बाद एसडीएम दलबीर सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं और मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
धरने के दौरान महिला किसानों और कर्मचारियों के बीच भी धक्का-मुक्की हुई। किसान यूनियन ने इसका विरोध जताते हुए महिला किसानों के साथ धक्का-मुक्की करने वाले पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एसडीएम दलबीर सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन चढूनी के प्रधान समय सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से पिछले सीजन में प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से बाजरे की खरीद कराई गई थी। किसानों ने करीब 2200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बाजरा बेचा था, जबकि सरकार की ओर से 500 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर राशि देने की बात कही गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि काफी किसानों को भावांतर की राशि नहीं मिली, जिससे उन्हें प्रति क्विंटल करीब 300 से 400 रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन में समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद शुरू नहीं हुई, तो किसान यूनियन बड़ा आंदोलन करेगी। एसडीएम ने कहा कि किसानों की मांग सरकार तक पहुंचाई जाएगी और समय पर बाजरे का एक-एक दाना खरीदा जाएगा।





