
गुरुग्राम। गुरुग्राम में रात से हो रही लगातार झमाझम बारिश ने शहर की यातायात व्यवस्था और जल निकासी सिस्टम की पोल खोल दी। भारी बारिश का असर दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे से लेकर शहर के प्रमुख इलाकों तक देखने को मिला। सबसे ज्यादा चर्चा शहर के पॉश इलाके गोल्फ कोर्स रोड की रही, जहां जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
करोड़ों रुपये के आलीशान फ्लैटों और आधुनिक सुविधाओं के लिए पहचाने जाने वाले गोल्फ कोर्स रोड पर भी बारिश का पानी भर गया। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि जब शहर के सबसे विकसित और प्रीमियम इलाकों में जल निकासी व्यवस्था इतनी कमजोर है तो बाकी क्षेत्रों की स्थिति क्या होगी।
गोल्फ कोर्स रोड पर भरा पानी, वाहन चालकों की बढ़ी परेशानी
डीएलएफ सेक्टर-42 स्थित ग्लोबल फोयर मॉल के सामने गोल्फ कोर्स रोड पर बारिश के बाद कई जगहों पर पानी भर गया। सड़क का बड़ा हिस्सा जलमग्न होने के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई और लंबा जाम लग गया।
सुबह और कार्यालय जाने के समय सड़क पर वाहनों का दबाव अधिक था। जलभराव के कारण कई वाहन चालकों को रास्ता बदलना पड़ा, जबकि कुछ लोग काफी देर तक जाम में फंसे रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गोल्फ कोर्स रोड गुरुग्राम के सबसे प्रमुख मार्गों में शामिल है। यहां बड़े-बड़े कॉरपोरेट कार्यालय, मॉल और महंगे आवासीय प्रोजेक्ट हैं, लेकिन बारिश के समय जलभराव की समस्या हर साल सामने आती है।
100 करोड़ रुपये तक के फ्लैटों वाले इलाके में भी समस्या
गोल्फ कोर्स रोड को गुरुग्राम के सबसे महंगे इलाकों में गिना जाता है। यहां स्थित कई आवासीय परियोजनाओं में करोड़ों रुपये की कीमत वाले फ्लैट हैं। इसके बावजूद सड़क पर पानी भरने की समस्या ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों का कहना है कि शहर के विकसित इलाकों में भी यदि बारिश के कुछ घंटों बाद जलभराव हो जाता है तो यह नगर नियोजन और जल निकासी व्यवस्था की गंभीर कमी को दर्शाता है।
दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर भी दिखा असर
लगातार बारिश का प्रभाव दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर भी देखने को मिला। कई स्थानों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ और वाहन धीरे-धीरे चलते नजर आए।
गुरुग्राम में एक्सप्रेसवे और प्रमुख सड़कों पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन चलते हैं। ऐसे में बारिश के दौरान जलभराव होने से ट्रैफिक दबाव और बढ़ जाता है।
यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से अधिक समय लगा। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी जलभराव और जाम की तस्वीरें व वीडियो साझा किए।
हर साल सामने आती है जलभराव की समस्या
गुरुग्राम में मानसून के दौरान जलभराव एक बड़ी समस्या बन जाती है। शहर के कई इलाकों में बारिश के बाद सड़कें पानी में डूब जाती हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है।
प्रशासन की ओर से समय-समय पर नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था सुधारने के दावे किए जाते हैं, लेकिन तेज बारिश के बाद हालात फिर चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और निर्माण कार्यों के कारण प्राकृतिक जल निकासी मार्ग प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा कई जगहों पर पर्याप्त क्षमता वाली ड्रेनेज व्यवस्था नहीं होने से पानी जमा हो जाता है।
प्रशासन की तैयारियों पर उठे सवाल
बारिश के बाद शहर में हुए जलभराव ने प्रशासन की मानसून तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले तैयारियों के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आता।
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को बार-बार परेशानियों का सामना न करना पड़े।
सुधार की जरूरत पर जोर
शहर के लोगों का कहना है कि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए बेहतर जल निकासी व्यवस्था बेहद जरूरी है। केवल सड़कों का निर्माण और बड़े प्रोजेक्ट विकसित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बारिश के पानी की निकासी के लिए प्रभावी योजना भी जरूरी है।
फिलहाल बारिश के बाद गोल्फ कोर्स रोड समेत कई इलाकों में पैदा हुई स्थिति ने एक बार फिर गुरुग्राम की आधारभूत सुविधाओं पर बहस शुरू कर दी है। प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाले और शहरवासियों को मानसून के दौरान राहत दिलाए।





