नारनौल में निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल, पांच दिन में गिरी छतरी

नारनाैल: शहर के महाराजा अग्रसेन चौक के सौंदर्यीकरण का उद्घाटन होने के मात्र पांच दिन बाद ही प्रतिमा के ऊपर बनी छतरी की गुमटी गिर गई। करीब 13.76 लाख रुपये की लागत से कराए गए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। शनिवार को स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कराने की मांग की।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही काम शुरू कराए जाने को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि महापुरुष की प्रतिमा के ऊपर बनी छतरी का इस तरह गिरना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने निर्माण कार्य में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
लोगों के अनुसार, चौक पर पुरानी गुमटी वर्ष 1989 से पहले तत्कालीन अध्यक्ष स्वर्गीय लाला ओमप्रकाश गुप्ता दादरी वाले के नेतृत्व में लगवाई गई थी। वह करीब 35 साल तक सुरक्षित रही और उसमें कभी ऐसी समस्या नहीं आई। इसके विपरीत नई गुमटी उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद गिर गई। इससे निर्माण की मजबूती और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
महाराजा अग्रसेन जयंती से पहले नगर परिषद ने चौक के सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू कराया था। इस परियोजना पर करीब 13.76 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। इसके तहत धौलपुर के पत्थरों से चारदीवारी बनाने, प्रतिमा के ऊपर पत्थरों की छतरी तैयार करने तथा फव्वारा और रंग-बिरंगी लाइटें लगाने का प्रावधान है।
वैश्य समाज के प्रतिनिधियों ने निकाय मंत्री विपुल गोयल के सामने चौक के सौंदर्यीकरण की मांग रखी थी। इसके बाद मंत्री ने नगर परिषद अधिकारियों को कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए थे। वहीं, टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। नगर परिषद ने 29 सितंबर को टेंडर जारी किया था और बिड 13 अक्टूबर को खुलनी थी। इसके बावजूद प्रक्रिया पूरी होने और वर्क ऑर्डर जारी होने से पहले ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया था। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।





