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हरियाणा के लोक निर्माण विभाग (PWD) और जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के मंत्री रणबीर गंगवा ने प्रशासनिक अधिकारियों को जनता की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का निर्देश दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनता की सेवा करना ही उनका सबसे पहला कर्तव्य है। गंगवा यहाँ मिनी-सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में 'जनसंपर्क एवं शिकायत निवारण समिति' की एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। एजेंडे में शामिल 13 शिकायतों में से 6 का समाधान कर दिया गया, जबकि बाकी 7 शिकायतों को अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया।
इन शिकायतों में मुख्य रूप से जमीन और प्लॉट से जुड़े विवाद, रजिस्ट्री न हो पाना, हाउसिंग सोसायटियों में रहने वालों की समस्याएं, हितों का उल्लंघन, पुलिस की कार्रवाई, बिजली से जुड़ी दिक्कतें, सड़कों पर अवैध कब्जा, पानी की आपूर्ति में बाधा और पैतृक जमीन के बंटवारे से जुड़े विवाद शामिल थे। जिला प्रशासन के अधिकारियों की मदद से इन शिकायतों पर चर्चा करते हुए, गंगवा ने संबंधित विभागों की जिम्मेदारियों और समस्याओं के समयबद्ध समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों के निपटारे में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शिकायतों की गंभीरता से जांच करें और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि जनता को न्याय दिलाना जिला प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी है। गंगवा ने अधिकारियों से कहा कि वे अनावश्यक देरी से बचें और यह सुनिश्चित करें कि सभी शिकायतों का निपटारा नियमों के अनुसार हो। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शिकायतकर्ताओं की बात संवेदनशीलता से सुनी जानी चाहिए और उन्हें उचित समाधान दिया जाना चाहिए।
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं, जिसके तहत 4 करोड़ लोगों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पानी की जांच करने और नागरिकों तक साफ पीने का पानी पहुँचाने के लिए हर जिले में प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। बैठक में उठाई गई शिकायतों में से, मंत्री ने करनाल जिले के अलीपुर खालसा गांव के महेंद्र सिंह की एक शिकायत का समाधान किया। यह मामला 'हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण' (HSVP) के अंतर्गत आने वाली एक बीघा जमीन के मालिकाना हक से जुड़ा था।
परशुराम कॉलोनी के रामफूल ने शिकायत की थी कि एक रियल एस्टेट कारोबारी, मनीष शर्मा ने राधा कॉलोनी में प्लॉट तो काटे, लेकिन अब वह उनकी रजिस्ट्री करने से मना कर रहा है। इस शिकायत पर पिछली बैठक में भी चर्चा हुई थी, लेकिन इसे अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया है। मूर्ति देवी द्वारा दर्ज कराई गई एक और शिकायत एक फाइनेंसर के खिलाफ थी, जिसने कथित तौर पर उनके घर पर कब्ज़ा कर लिया था। फाइनेंसर ने मूल रकम से ज़्यादा पैसे वसूल लेने के बावजूद घर खाली करने से इनकार कर दिया था। पिछली बैठक से लंबित चल रही इस शिकायत का समाधान डिप्टी कमिश्नर डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ और पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण की मदद से किया गया।
TDI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी एक शिकायत को भी लंबित रखा गया। TDI सिटी के निवासी विनोद टंडन ने इसमें अनियमितताओं और धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। चूंकि इस मामले में कई विभागों को कार्रवाई करनी थी, इसलिए इसे अगली बैठक के लिए टाल दिया गया। इस बीच, रवि अग्रवाल और हरमीत सिंह ने 'द एड्रेस सोसाइटी' के प्रबंधन के खिलाफ शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन अपने वादे पूरे करने में विफल रहा है और सोसाइटी में बुनियादी ढांचे तथा सुरक्षा को लेकर कमियां हैं। गंगवा ने मौके पर ही उनकी शिकायत का समाधान कर दिया।
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