हरियाणा
24 घंटे से बिजली गुल, गुरुग्राम से फरीदाबाद तक लोगों का हंगामा
Rajeshwari Nishad
22 Oct 2026 8:43 PM IST

x
गुरुग्राम। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के पहले ही दिन गुरुग्राम, फरीदाबाद और नूंह समेत कई जिलों में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई। गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को लंबे समय तक बिजली नहीं मिलने से परेशान लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। गुरुग्राम में नाराज लोगों ने दौलताबाद फ्लाईओवर पर जाम लगा दिया, जबकि फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित आजाद नगर के निवासियों ने तीगांव रोड पर प्रदर्शन करते हुए यातायात रोक दिया। बिजली संकट से नूंह के कई इलाके भी प्रभावित हुए। लगातार बिजली कटौती के कारण लोगों को पेयजल, घरेलू कामकाज और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर, बिजली वितरण के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों की हड़ताल ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
गुरुग्राम में दौलताबाद फ्लाईओवर पर लगाया जाम
गुरुग्राम में बिजली आपूर्ति बाधित होने से परेशान लोगों ने गुरुवार शाम सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। दौलताबाद फ्लाईओवर के पास बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी एकत्र हुए और बिजली व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से बिजली नहीं मिलने के कारण घरों में अंधेरा छाया हुआ है। बिजली गुल होने से पानी की मोटर और अन्य जरूरी उपकरण भी बंद हो गए हैं।
स्थानीय लोगों ने बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने की मांग की। सड़क जाम होने से इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।बिजली संकट के कारण शहर के कई आवासीय इलाकों के साथ व्यावसायिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है।
फरीदाबाद में तीगांव रोड पर उतरे लोग
गुरुग्राम की तरह फरीदाबाद में भी बिजली संकट के खिलाफ लोगों ने नाराजगी जताई। बल्लभगढ़ के आजाद नगर इलाके में रहने वाले लोगों ने बिजली आपूर्ति बाधित होने के विरोध में तीगांव रोड को जाम कर दिया।
स्थानीय निवासियों ने बिजली व्यवस्था जल्द दुरुस्त करने की मांग की। लोगों का कहना था कि लगातार बिजली गुल रहने से घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है।बिजली नहीं होने के कारण पानी की आपूर्ति और अन्य जरूरी सुविधाओं में भी परेशानी सामने आई।
तीगांव रोड पर प्रदर्शन के कारण वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कत हुई। स्थानीय लोगों ने कहा कि बिजली जैसी जरूरी सेवा लंबे समय तक बाधित रहने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
नूंह में भी बिजली संकट से बढ़ी परेशानी
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर नूंह जिले में भी दिखाई दिया। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।बिजली संकट के कारण घरों में अंधेरा रहने के साथ रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हुए।
नूंह में भी बिजली वितरण व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों का विरोध जारी है। इससे पहले बुधवार को तावडू स्थित बिजली निगम के उपमंडल कार्यालय पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया था।प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के फैसले का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की थी।
40 हजार बिजली कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर
हरियाणा में बिजली संकट की बड़ी वजह बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की तीन दिवसीय हड़ताल है।
लगभग 40 हजार बिजली कर्मचारियों ने 22 से 24 अक्टूबर तक हड़ताल का आह्वान किया है। कर्मचारी गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस दिए जाने का विरोध कर रहे हैं।हड़ताल के कारण कई स्थानों पर बिजली की खराबी से जुड़ी शिकायतों का निवारण प्रभावित हुआ है।कर्मचारियों के काम पर नहीं आने से बिजली आपूर्ति बहाल करने में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं। इसका असर आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है।
निजी कंपनी को लाइसेंस देने पर शुरू हुआ विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के एक फैसले से हुई।आयोग ने गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण के लिए इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 वर्ष का समानांतर वितरण लाइसेंस दिया है।
इस फैसले का बिजली कर्मचारी संगठन विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे सरकारी बिजली वितरण कंपनियों की स्थिति कमजोर हो सकती है।कर्मचारी संगठनों ने आशंका जताई है कि निजी कंपनी के प्रवेश से कर्मचारियों के हित और उपभोक्ताओं की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।हालांकि, समानांतर लाइसेंस का अर्थ यह नहीं है कि सरकारी बिजली वितरण कंपनी तत्काल अपनी सेवाएं बंद कर देगी।बिजली के साथ पानी की भी बढ़ी समस्या
बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। गुरुग्राम के कई इलाकों में बुधवार देर रात से बिजली नहीं मिलने के कारण गुरुवार को पानी की समस्या बढ़ गई।घरों में मोटर नहीं चलने से पानी की टंकियां नहीं भर सकीं। कई स्थानों पर लोगों को जरूरी कामकाज के लिए पानी की व्यवस्था करने में परेशानी हुई।
बिजली संकट के कारण इंटरनेट और अन्य सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। इससे घर से काम करने वाले कर्मचारियों और ऑनलाइन सेवाओं पर निर्भर लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों को दिया आश्वासन
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने के फैसले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी।प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि सरकार हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के आदेश को विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण में चुनौती देगी।उन्होंने कहा कि सरकार आवश्यकता पड़ने पर मामले को सर्वोच्च न्यायालय तक भी ले जा सकती है।सरकार ने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। साथ ही आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पताल और जरूरी सेवाओं के लिए विशेष इंतजामहड़ताल को देखते हुए गुरुग्राम जिला प्रशासन ने पहले ही आवश्यक सेवाओं को सुचारु रखने के लिए तैयारियां करने के निर्देश दिए थे।उपायुक्त उत्तम सिंह ने बिजली निगम के अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की।
प्रशासन ने अस्पतालों, जलापूर्ति केंद्रों, मेट्रो सेवाओं और अन्य आवश्यक प्रतिष्ठानों में बिजली आपूर्ति बनाए रखने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।इसके अलावा बिजली आपूर्ति संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए वैकल्पिक संसाधन तैनात करने और चौबीसों घंटे निगरानी रखने को कहा गया है।उपभोक्ता बिजली संबंधी शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1912 और 180010804334 पर संपर्क कर सकते हैं।
हड़ताल लंबी चली तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें
बिजली कर्मचारियों ने फिलहाल 24 अक्टूबर तक हड़ताल जारी रखने की घोषणा की है। कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन आगे बढ़ाया जा सकता है।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा की 24 अक्टूबर को होने वाली बैठक में आंदोलन की अगली रणनीति पर फैसला लिया जा सकता है।यदि हड़ताल जारी रहती है और बिजली की खराबियों का समय पर समाधान नहीं होता, तो प्रभावित क्षेत्रों में परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
फिलहाल गुरुग्राम, फरीदाबाद और नूंह के लोग बिजली व्यवस्था सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिजली आपूर्ति बहाल करने के साथ आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखना है।
Next Story





