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गुरुग्राम में 48 घंटे से ज्यादा बिजली संकट, सोहना रोड के कई इलाकों में लोग परेशान

Kavita2
6 Aug 2026 9:42 AM IST
गुरुग्राम में 48 घंटे से ज्यादा बिजली संकट, सोहना रोड के कई इलाकों में लोग परेशान
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गुरुग्राम। गुरुग्राम के सोहना रोड क्षेत्र में पिछले दो दिनों से जारी बिजली संकट ने हजारों लोगों की परेशानी बढ़ा दी। कई शॉपिंग मॉल, रिहायशी कॉम्प्लेक्स और आवासीय इलाकों में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली नहीं होने के कारण लोगों को न केवल गर्मी और रोजमर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ा, बल्कि कई इलाकों में पानी की किल्लत भी पैदा हो गई।

प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कहना है कि लगातार 48 घंटे से अधिक समय तक बिजली कटौती ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। बिजली के अभाव में लिफ्ट, पानी की मोटर, घरेलू उपकरण और अन्य जरूरी सेवाएं प्रभावित रहीं। कई परिवारों को वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे रहना पड़ा।

आठ से ज्यादा इलाकों में रहा संकट

जानकारी के अनुसार, सोहना रोड के आसपास स्थित कई प्रमुख इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। इनमें रिहायशी सोसाइटियों के साथ-साथ व्यावसायिक क्षेत्र भी शामिल रहे। बिजली संकट का असर कई शॉपिंग मॉल और बड़े आवासीय कॉम्प्लेक्स पर भी पड़ा।

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, लंबे समय तक बिजली नहीं आने से सोसाइटियों में रहने वाले हजारों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। गर्मी के मौसम में बिजली कटौती ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।

पानी की समस्या ने बढ़ाई परेशानी

बिजली आपूर्ति बाधित होने का सबसे बड़ा असर पानी की व्यवस्था पर पड़ा। अधिकतर रिहायशी सोसाइटियों में पानी की सप्लाई मोटर और पंप के माध्यम से होती है। बिजली नहीं होने के कारण पानी की टंकियां समय पर नहीं भर पाईं, जिससे कई जगहों पर पानी की कमी हो गई।

लोगों ने बताया कि उन्हें पीने और रोजमर्रा के उपयोग के लिए पानी की व्यवस्था करने में काफी परेशानी हुई। कई परिवारों को बाजार से पानी खरीदना पड़ा, जबकि कुछ जगहों पर सोसाइटी प्रबंधन ने वैकल्पिक इंतजाम करने की कोशिश की।

पिरामिड अर्बन होम्स के लोगों ने किया प्रदर्शन

बिजली संकट से परेशान सेक्टर-67 स्थित पिरामिड अर्बन होम्स सोसाइटी के निवासियों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग की।

प्रदर्शन कर रहे निवासियों का कहना था कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका आरोप था कि लंबे समय तक बिजली गुल रहने के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

निवासियों ने कहा कि बिजली कटौती केवल असुविधा का मामला नहीं है, बल्कि इससे सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे भी प्रभावित होते हैं। लिफ्ट बंद होने से ऊंची मंजिलों पर रहने वाले बुजुर्गों और बच्चों को विशेष परेशानी हुई।

बुधवार शाम बहाल हुई बिजली

स्थानीय लोगों के अनुसार, बुधवार शाम करीब 5 बजे बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, कई निवासियों ने मांग की कि भविष्य में इस तरह की लंबी बिजली कटौती की स्थिति न बने और बिजली व्यवस्था को मजबूत किया जाए।

लोगों का कहना है कि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में इस तरह के लंबे बिजली संकट से शहर की छवि प्रभावित होती है। खासकर उन इलाकों में जहां बड़ी संख्या में लोग आधुनिक सुविधाओं वाले आवासीय परिसरों में रहते हैं।

रखरखाव और व्यवस्था पर उठे सवाल

बिजली संकट के बाद स्थानीय लोगों ने बिजली वितरण व्यवस्था और रखरखाव को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते तकनीकी खराबियों की पहचान और समाधान किया जाता तो इतनी लंबी अवधि तक बिजली बाधित नहीं रहती।

निवासियों ने बिजली विभाग से मांग की है कि आपात स्थिति के लिए बेहतर बैकअप व्यवस्था तैयार की जाए, ताकि भविष्य में लोगों को 48 घंटे तक बिजली संकट का सामना न करना पड़े।

गुरुग्राम में बढ़ती सुविधाओं के बीच बड़ी चुनौती

गुरुग्राम देश के प्रमुख कॉरपोरेट और रिहायशी केंद्रों में शामिल है। सोहना रोड जैसे क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकास हुआ है और बड़ी संख्या में नई सोसाइटियां, मॉल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बने हैं।

हालांकि, तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की निर्बाध उपलब्धता बड़ी चुनौती बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के विस्तार के साथ बुनियादी ढांचे को भी उसी गति से मजबूत करने की जरूरत है।

लोगों ने स्थायी समाधान की मांग की

बिजली बहाल होने के बाद भी स्थानीय निवासियों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। लोगों ने मांग की है कि केवल अस्थायी रूप से समस्या दूर करने के बजाय इसके स्थायी समाधान पर काम किया जाए।

निवासियों का कहना है कि भविष्य में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर तुरंत कार्रवाई के लिए एक मजबूत व्यवस्था होनी चाहिए। प्रशासन और बिजली विभाग से भी लोगों ने बेहतर समन्वय और शिकायतों के त्वरित निपटारे की अपील की है।

कुल मिलाकर, गुरुग्राम के सोहना रोड क्षेत्र में 48 घंटे से अधिक समय तक चले बिजली संकट ने शहरी सुविधाओं की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि बुधवार शाम बिजली आपूर्ति बहाल हो गई, लेकिन स्थानीय लोग अब ऐसी स्थिति दोबारा न आने के लिए स्थायी सुधार की उम्मीद कर रहे हैं।

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