हरियाणा

नशा तस्करों पर पुलिस का शिकंजा, 96 लाख की संपत्ति फ्रीज

Kavita2
9 Aug 2026 10:46 AM IST
नशा तस्करों पर पुलिस का शिकंजा, 96 लाख की संपत्ति फ्रीज
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फतेहाबाद/डबवाली। हरियाणा में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अब आरोपियों के वित्तीय नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में फतेहाबाद और डबवाली पुलिस ने NDPS एक्ट से जुड़े अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों की करीब 96 लाख रुपये की संपत्ति और बैंक बैलेंस फ्रीज किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य नशे के कारोबार से कथित तौर पर अर्जित संपत्ति पर रोक लगाना और तस्करी के आर्थिक आधार को कमजोर करना है।

पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में आरोपियों की संपत्तियों और बैंक खातों की वित्तीय जांच की गई। जांच के दौरान सामने आई संपत्तियों और बैंक में मौजूद रकम को संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत फ्रीज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनके आर्थिक नेटवर्क को भी निशाना बनाया जाना जरूरी है।

अमरदीप की 66.49 लाख की संपत्ति फ्रीज

फतेहाबाद में पुलिस ने रतिया निवासी अमरदीप उर्फ अमर की करीब 66.49 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज की है। इसमें लगभग 60 लाख रुपये मूल्य की एक दुकान और उसके बैंक खाते में जमा 6.49 लाख रुपये शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई अमरदीप के खिलाफ दर्ज NDPS मामले की जांच के बाद की गई। रतिया सिटी पुलिस स्टेशन में 4 फरवरी 2026 को उसके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2,989 नशीली गोलियां और 32 प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद किए थे। बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए यह पता लगाने की कोशिश की कि कथित नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन और संपत्तियां कहां-कहां हैं।

आय और संपत्तियों की शुरू हुई वित्तीय जांच

NDPS मामले में गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी की आय के स्रोत, बैंक खातों और संपत्तियों की जानकारी जुटानी शुरू की। वित्तीय जांच के दौरान उसके बैंक बैलेंस और संपत्ति का पता लगाया गया।

पुलिस के अनुसार, इसी जांच के आधार पर करीब 66.49 लाख रुपये की संपत्ति और बैंक में मौजूद रकम को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई। दुकान की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई गई है।

इस तरह की कार्रवाई का मकसद कथित तौर पर नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े आर्थिक लाभ को रोकना है। पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के वित्तीय लेन-देन का संबंध किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क से तो नहीं है।

डबवाली में भी कार्रवाई

फतेहाबाद के साथ-साथ डबवाली पुलिस ने भी NDPS के एक अलग मामले में एक आरोपी की संपत्ति और बैंक बैलेंस को फ्रीज किया है। दोनों जिलों की कार्रवाई को जोड़ने पर पुलिस ने करीब 96 लाख रुपये की संपत्ति और बैंक राशि पर कार्रवाई की है।

डबवाली पुलिस की कार्रवाई भी नशे के कथित कारोबार से जुड़े वित्तीय नेटवर्क की जांच का हिस्सा है। पुलिस का फोकस यह पता लगाने पर है कि मादक पदार्थों के कारोबार से अर्जित कथित धन को किस तरह संपत्ति या बैंक खातों में लगाया गया।

अधिकारियों का मानना है कि नशा तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए उसके आर्थिक स्रोतों पर कार्रवाई प्रभावी कदम हो सकती है।

सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, आर्थिक नेटवर्क पर भी नजर

मादक पदार्थों के मामलों में पुलिस की पारंपरिक कार्रवाई में आरोपियों की गिरफ्तारी और नशीले पदार्थों की बरामदगी प्रमुख होती है। हालांकि, अब जांच एजेंसियां तस्करी से जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर भी ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

किसी आरोपी की संपत्ति, बैंक खाते और अन्य वित्तीय संसाधनों की जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कथित अपराध से कितनी रकम अर्जित हुई और उसका इस्तेमाल कहां किया गया।

पुलिस के लिए यह जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नशीले पदार्थों की तस्करी अक्सर एक व्यक्ति तक सीमित नहीं होती। इसके पीछे आपूर्ति, वितरण और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई स्तर हो सकते हैं।

बैंक खातों और संपत्तियों की पड़ताल जारी

फतेहाबाद पुलिस ने अमरदीप के मामले में बैंक खातों और संपत्तियों की जानकारी जुटाने के बाद कार्रवाई की है। अधिकारियों के मुताबिक, वित्तीय जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संपत्तियों और लेन-देन की भी पड़ताल की जा सकती है।

पुलिस यह भी जांच सकती है कि आरोपी की संपत्ति और बैंकिंग गतिविधियों में किसी तरह की संदिग्ध रकम का लेन-देन हुआ या नहीं। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की भूमिका सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

नशे के खिलाफ अभियान को आर्थिक मोर्चे तक ले जाने की तैयारी

हरियाणा में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच फतेहाबाद और डबवाली पुलिस की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस का संदेश स्पष्ट है कि NDPS मामलों में आरोपियों के खिलाफ केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि कथित अवैध कमाई से जुड़ी संपत्तियों पर भी नजर रखी जाएगी।

हालांकि, किसी संपत्ति को फ्रीज किया जाना जांच और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और इससे आरोपी के खिलाफ लगे आरोप अंतिम रूप से साबित नहीं हो जाते। आगे की कार्रवाई संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नशे की तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए सप्लाई चेन के साथ-साथ उसके आर्थिक ढांचे को तोड़ना भी जरूरी है। इसी रणनीति के तहत आरोपियों के बैंक खातों, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है।

फतेहाबाद और डबवाली में करीब 96 लाख रुपये की संपत्ति और बैंक बैलेंस फ्रीज करने की कार्रवाई इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। आने वाले समय में वित्तीय जांच के आधार पर अन्य संपत्तियों या संदिग्ध लेन-देन पर भी कार्रवाई होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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