
सोनीपत: कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस बल का प्रशिक्षित, अनुशासित और सतर्क रहना बेहद जरूरी है। नियमित अभ्यास से पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता, आपसी तालमेल और त्वरित कार्रवाई करने की क्षमता बेहतर होती है। यह बात एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक सिमरदीप सिंह ने गुरुवार को सोनीपत पुलिस लाइन के दौरे के दौरान कही।
उन्होंने कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा के लिए गठित पुलिस कंपनियों की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान मॉक ड्रिल के माध्यम से पुलिसकर्मियों के अनुशासन, समन्वय और आपात परिस्थितियों में तुरंत कार्रवाई करने की क्षमता का आकलन किया गया।
अधिकारियों ने किया स्वागत, संसाधनों का लिया जायजा
पुलिस लाइन पहुंचने पर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय एवं यातायात सोनाक्षी सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त अपराध संदीप धनखड़, सहायक पुलिस आयुक्त साइबर राजदीप मोर, सहायक पुलिस आयुक्त शहर अमित धनखड़ और सहायक पुलिस आयुक्त गन्नौर जसपाल सिंह ने आईजी का स्वागत किया।
निरीक्षण के दौरान सिमरदीप सिंह ने दंगा नियंत्रण कंपनियों के उपकरणों और उपलब्ध संसाधनों की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि पुलिसकर्मियों को लाठी-डंडों, कैन शील्ड, आंसू गैस, दंगा नियंत्रण उपकरणों और आधुनिक हथियारों से लैस रखा जाता है, ताकि किसी भी संवेदनशील या आपात स्थिति में प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
मॉक ड्रिल में आंसू गैस और वाटर कैनन का अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिसकर्मियों ने उपद्रवी भीड़ को नियंत्रित करने और तितर-बितर करने के लिए विभिन्न तरीकों का अभ्यास किया। इसमें आंसू गैस, रबर बुलेट गन, वाटर कैनन और लाठीचार्ज का प्रदर्शन किया गया।
इसके साथ ही भीड़ नियंत्रण के दौरान पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और परिस्थितियों के अनुसार समन्वित कार्रवाई करने के तरीके भी परखे गए।
आईजी सिमरदीप सिंह ने कहा कि इस तरह के नियमित अभ्यास से पुलिस बल की तैयारी मजबूत होती है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को सतर्कता, अनुशासन और आपसी तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।





