
Gurugram गुरुग्राम में ट्रीटेड पानी के शत-प्रतिशत उपयोग की योजना
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने शहर में जल संरक्षण और सतत जल प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ट्रीटेड वेस्टवॉटर के 100 प्रतिशत पुन: उपयोग का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस योजना के तहत आने वाले छह महीनों में शहर के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से निकलने वाले शुद्ध किए गए पानी का पूरा उपयोग विभिन्न गैर-पीने योग्य कार्यों में किया जाएगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य ताजे पानी की खपत को कम करना और उपलब्ध जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है। गुरुग्राम जैसे तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र में पानी की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे भूजल स्तर पर दबाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में ट्रीटेड पानी का पुन: उपयोग एक प्रभावी समाधान के रूप में देखा जा रहा है।
GMDA के अनुसार, ट्रीटेड पानी का उपयोग निर्माण कार्यों, औद्योगिक इकाइयों, हरित क्षेत्रों की सिंचाई, सड़क धुलाई और अन्य सार्वजनिक सेवाओं में किया जाएगा। इसके लिए शहर में पाइपलाइन नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है, ताकि STP से निकलने वाला पानी सीधे उपयोग स्थलों तक पहुंच सके।
अधिकारियों का मानना है कि इस योजना से न केवल जल संकट को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह पहल शहर को ‘वॉटर सस्टेनेबल सिटी’ बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।
GMDA ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है। आने वाले समय में इस मॉडल को अन्य शहरी क्षेत्रों में भी अपनाने की संभावना है, जिससे पूरे प्रदेश में जल प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
इस तरह गुरुग्राम की यह पहल भविष्य के लिए जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकती है।





