
यमुनानगर: बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार काे यमुनानगर-जगाधरी में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित रही। कई इलाकों में रातभर बिजली गुल रहने से लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। नाराज लोगों ने जगाधरी में चार स्थानों पर सड़क जाम कर रोष जताया।
भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भी काजीबांस स्थित बिजली कार्यालय पहुंचकर घेराव किया और आपूर्ति बहाल करने की मांग उठाई। जगाधरी में चूना भट्ठी चौक के नजदीक बिजली कार्यालय के बाहर लोगों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। इसी तरह बस अड्डे, पंजाबी धर्मशाला के पास और झंडा चौक पर भी लोगों ने जाम लगाकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बिजली नहीं होने से घरों में पानी नहीं पहुंचा। खाना बनाने से लेकर रोजमर्रा के कामकाज तक प्रभावित हुए। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष परेशानी झेलनी पड़ी। शौचालय जाने तक में दिक्कत आने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। स्थानीय निवासियों ने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण सुबह से घरों में पानी नहीं आया। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में महिलाओं को अधिक परेशानी होती है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब बिजली आपूर्ति बंद करनी है तो पूरे शहर में समान व्यवस्था होनी चाहिए।
लोगों ने चेतावनी दी कि दिन में आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो यमुनानगर-जगाधरी में व्यापक स्तर पर जाम लगाया जाएगा। बिजली आपूर्ति में व्यवधान का असर शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखा। बुडिया गेट चौकी प्रभारी जसपाल सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत की। उनके अनुसार, बिजली निगम के एक्सईएन से भी संपर्क किया गया। बताया गया कि जगाधरी के 27 फीडरों में से सात में पिछली रात ब्रेकडाउन हुआ था, जबकि दिन में भी कई फीडर बंद होने से आपूर्ति बाधित रही। पुलिस और अधिकारियों ने लोगों को समस्या के समाधान का भरोसा दिया।





