
हरियाणा: यमुनानगर जिले के जगाधरी शहर में शुक्रवार सुबह बिजली संकट के कारण पेयजल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई। नरेंद्र फीडर में तकनीकी खराबी आने से करीब पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिसके चलते शहर की आधे से अधिक कॉलोनियों में पानी की सप्लाई प्रभावित हुई। सुबह के समय बिजली गुल रहने से लोगों को दैनिक कार्यों में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, जगाधरी के नरेंद्र फीडर में तकनीकी खराबी के कारण शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे बिजली आपूर्ति बंद हो गई। बिजली बंद होने का असर शहर के कई इलाकों में देखने को मिला। गौरी शंकर कॉलोनी, पुराना व्यासपुर रोड, जड़ौदा गेट, जसको कॉलोनी, गौरी शंकर मंदिर-प्रकाश चौक लिंक रोड सहित कई क्षेत्रों में लोग बिजली संकट से जूझते रहे।
सुबह का समय होने के कारण बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर घरेलू कामकाज पर पड़ा। बिजली नहीं होने से घरों में लगी पानी की मोटरें नहीं चल पाईं, जिसके कारण कई परिवारों के घरों में पेयजल की समस्या खड़ी हो गई। लोगों को पानी के लिए इंतजार करना पड़ा और कई लोगों ने वैकल्पिक व्यवस्था से अपनी जरूरतें पूरी कीं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह के समय बिजली कटौती होने से सबसे ज्यादा परेशानी होती है, क्योंकि इसी समय लोग अपने दिन की शुरुआत करते हैं। बिजली नहीं होने से जहां पानी की समस्या पैदा हुई, वहीं बच्चों की पढ़ाई, कार्यालय जाने की तैयारी और घरेलू काम भी प्रभावित हुए।
गौरी शंकर कॉलोनी के निवासियों विकास कुमार, विजय कुमार, विनोद, सुलोचना, कौशल्या और एकता ने बताया कि गर्मी और उमस के बीच लंबे समय तक बिजली न रहने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बिजली निगम से मांग की कि फीडर की व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
बिजली कटौती का असर छोटे दुकानदारों और कारोबारियों पर भी पड़ा। बिजली से चलने वाले उपकरण बंद रहने के कारण कई दुकानों का काम प्रभावित रहा। कुछ लोगों को समय पर अपने कार्यालय और अन्य जरूरी कामों के लिए निकलने में भी देरी हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में पहले से ही पेयजल संकट की समस्या बनी हुई है। ऐसे में बिजली आपूर्ति बाधित होने से परेशानी और बढ़ जाती है। लोगों ने प्रशासन और बिजली निगम से स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।
बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार, नरेंद्र फीडर में तकनीकी खराबी आने के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई थी। कर्मचारियों ने खराबी को दूर करने के लिए काम किया और करीब सुबह 10 बजे बिजली आपूर्ति दोबारा बहाल कर दी गई। बिजली आने के बाद पानी की सप्लाई भी धीरे-धीरे सामान्य हो गई।
पांच घंटे बाद बिजली बहाल होने पर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, लोगों ने भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने देने के लिए बिजली व्यवस्था को और बेहतर करने की मांग की है। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति बेहद जरूरी है, इसलिए विभाग को पहले से तैयारी रखनी चाहिए।





