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हरियाणा में धान खरीद ने पकड़ी रफ्तार, मंडियों में पहुंचा 37.27 लाख टन धान

Kavita2
26 Oct 2026 5:29 PM IST
हरियाणा में धान खरीद ने पकड़ी रफ्तार, मंडियों में पहुंचा 37.27 लाख टन धान
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चंडीगढ़। हरियाणा में धान की खरीद और मंडियों में आवक ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश की विभिन्न मंडियों में अब तक 37.27 लाख टन धान पहुंच चुका है, जिसमें से 30.69 लाख टन धान की खरीद की जा चुकी है। यह कुल आवक का लगभग 82 प्रतिशत है। वहीं, खरीदे गए धान में से करीब 23.34 लाख टन यानी लगभग 76 प्रतिशत धान का उठान भी हो चुका है। राज्य सरकार के अनुसार, अब तक 2,22,154 किसानों के बैंक खातों में लगभग 4,263 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित 58 लाख टन के खरीद लक्ष्य के मुकाबले हरियाणा में अब तक 53 प्रतिशत खरीद पूरी हो चुकी है।

मंडियों में 37.27 लाख टन धान की आवक

हरियाणा में धान खरीद का मौसम अपने चरम पर पहुंच रहा है। मंडियों में किसानों की ओर से लगातार फसल लाई जा रही है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक प्रदेश की मंडियों में 37.27 लाख टन धान पहुंच चुका है।

इसमें से 30.69 लाख टन धान की खरीद पूरी कर ली गई है। इस तरह कुल आवक में से लगभग 82 प्रतिशत धान सरकारी खरीद प्रक्रिया के तहत खरीदा जा चुका है।

धान की आवक बढ़ने के साथ मंडियों में खरीद, भंडारण और उठान की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना भी महत्वपूर्ण हो गया है।

केंद्र के खरीद लक्ष्य का 53 प्रतिशत पूरा

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने बताया कि भारत सरकार ने हरियाणा के लिए धान खरीद का लक्ष्य 58 लाख टन निर्धारित किया है।

राज्य में अब तक 30.69 लाख टन धान खरीदा जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 53 प्रतिशत है।

खरीद प्रक्रिया के अगले चरण में मंडियों में पहुंच रही फसल को समय पर खरीदना और उठान सुनिश्चित करना सरकार के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

लक्ष्य के मुकाबले खरीद की मौजूदा स्थिति से संकेत मिलता है कि आगामी दिनों में भी मंडियों में खरीद गतिविधियां तेज बनी रह सकती हैं।

एक दिन में एक लाख टन धान की आवक

मंत्री राजेश नागर के अनुसार, एक दिन में प्रदेश की मंडियों में लगभग एक लाख टन धान की आवक दर्ज की गई।

इसी अवधि में करीब 0.36 लाख टन यानी 36 हजार टन धान की खरीद हुई।

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि मंडियों में फसल की आवक की गति खरीद की तुलना में अधिक रही।

ऐसी स्थिति में खरीद एजेंसियों और मंडी प्रशासन के सामने फसल की समयबद्ध खरीद तथा उठान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।

हालांकि एक दिन की आवक और खरीद के आंकड़ों में बदलाव हो सकता है, क्योंकि मंडियों में रोजाना फसल की मात्रा अलग-अलग रहती है।

किसानों के खातों में पहुंचे ₹4,263 करोड़

धान खरीद के साथ किसानों को भुगतान करने की प्रक्रिया भी जारी है।

राज्य सरकार के अनुसार, अब तक 2,22,154 किसानों के बैंक खातों में लगभग 4,263 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं।

फसल बेचने के बाद किसानों को समय पर भुगतान मिलना कृषि कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है।

इससे किसान अगले कृषि चक्र की तैयारी, बीज, खाद और अन्य आवश्यकताओं पर खर्च कर सकते हैं।

हालांकि कुल पात्र किसानों की संख्या और कितने किसानों का भुगतान अभी लंबित है, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

खरीदे गए धान का 76 प्रतिशत उठान

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मंडियों में खरीदे गए धान में से करीब 23.34 लाख टन का उठान हो चुका है।

यह खरीदे गए कुल 30.69 लाख टन धान का लगभग 76 प्रतिशत है।

धान का उठान खरीद प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। फसल खरीदने के बाद उसे मंडियों से निर्धारित भंडारण या प्रसंस्करण केंद्रों तक पहुंचाना आवश्यक होता है।

समय पर उठान होने से मंडियों में जगह खाली होती है और नए धान की आवक संभालने में मदद मिलती है।

यदि उठान की गति धीमी पड़ती है, तो मंडियों में फसल जमा होने और किसानों को अपनी उपज रखने के लिए जगह मिलने में परेशानी हो सकती है।

खरीद और उठान में तालमेल जरूरी

धान की खरीद के मौसम में मंडियों में आवक, खरीद और उठान के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है।

जब मंडियों में बड़ी मात्रा में फसल पहुंचती है, तो खरीद एजेंसियों को उपलब्ध संसाधनों के अनुसार तेजी से काम करना पड़ता है।

इसके साथ ही खरीदे गए धान को समय पर उठाकर निर्धारित स्थानों तक पहुंचाना भी आवश्यक है।

हरियाणा में अब तक 30.69 लाख टन धान की खरीद और 23.34 लाख टन के उठान के आंकड़े सामने आए हैं।

आगे की खरीद के दौरान इन दोनों प्रक्रियाओं की गति बनाए रखना मंडी व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

किसानों को समय पर भुगतान पर जोर

फसल खरीद के बाद भुगतान में देरी किसानों की आर्थिक योजनाओं को प्रभावित कर सकती है।

इसलिए खरीद प्रक्रिया के साथ बैंक खातों में भुगतान की स्थिति की निगरानी भी जरूरी है।

राज्य सरकार के मुताबिक, अब तक 2.22 लाख से अधिक किसानों को लगभग 4,263 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।

यह भुगतान किसानों को उनकी खरीदी गई फसल के बदले किया गया है।

हालांकि किसानों को भुगतान मिलने में लगने वाले औसत समय और शेष भुगतान की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।

मंडियों में व्यवस्था बनाए रखना चुनौती

धान की आवक चरम पर होने के दौरान मंडियों में परिवहन, भंडारण और फसल के रखरखाव की व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है।

खरीद केंद्रों पर पर्याप्त जगह और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिलती है।

इसके अलावा उठान के लिए परिवहन साधनों की उपलब्धता भी जरूरी है।

आने वाले दिनों में आवक बढ़ने की स्थिति में मंडी प्रशासन और खरीद एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता होगी।

58 लाख टन खरीद लक्ष्य पर नजर

हरियाणा में निर्धारित 58 लाख टन धान खरीद लक्ष्य के मुकाबले अब तक 30.69 लाख टन खरीद हो चुकी है।

इस तरह लक्ष्य का लगभग 53 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

मंडियों में धान की आवक जारी रहने के कारण अब खरीद की रफ्तार और उठान की स्थिति पर नजर रहेगी।

सरकार के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती होगी कि किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो और खरीदे गए धान का समय पर उठान किया जाए।

हरियाणा में अब तक 37.27 लाख टन धान मंडियों में पहुंच चुका है और 30.69 लाख टन की खरीद हो गई है। सरकार के अनुसार, किसानों को लगभग 4,263 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। अब आगे की खरीद प्रक्रिया में आवक, उठान और भुगतान के बीच तालमेल बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

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