
बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ क्षेत्र में बारिश का दौर शनिवार को भी जारी रहा। लगातार हो रही बारिश के कारण गांवों की गलियों से लेकर शहर की सड़कों और हाईवे तक कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई। पिछले 24 घंटे में शनिवार सुबह तक 69.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इसके बाद दोपहर के समय 11 मिलीमीटर अतिरिक्त बारिश हुई। लगातार बारिश और जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के कारण कई निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। गांवों की गलियों में भी जलभराव के कारण लोगों को घरों से बाहर निकलने में दिक्कत हुई। दूसरी ओर, मुख्य मार्गों और हाईवे पर पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार प्रभावित रही। कई स्थानों पर वाहन चालकों को पानी के बीच से गुजरना पड़ा।
निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार बारिश के बीच जलनिकासी की व्यवस्था प्रभावी तरीके से काम नहीं कर सकी। नालियों और ड्रेनेज सिस्टम के जरिए पानी की निकासी पर्याप्त गति से नहीं होने के कारण जगह-जगह जलभराव बढ़ता गया। बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान जलभराव की समस्या पहले भी सामने आती रही है। बारिश तेज होने पर कई इलाकों में कुछ ही समय में सड़कें पानी से भर जाती हैं। इससे दैनिक कामकाज प्रभावित होता है और लोगों को घर से निकलने में कठिनाई होती है।
रेलवे अंडरपास में भरा पानी
बारिश का सबसे अधिक असर रेलवे अंडरपास पर देखने को मिला। लगातार बारिश के कारण अंडरपास में पानी भर गया, जिसके चलते इसे आवागमन के लिए बंद करना पड़ा। अंडरपास बंद होने से इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।
शनिवार को दिनभर अंडरपास से पानी निकालने का काम चलता रहा। संबंधित कर्मचारियों और मशीनों की मदद से जलनिकासी का प्रयास किया गया। पानी का स्तर कम करने के बाद ही अंडरपास को दोबारा यातायात के लिए खोलने की स्थिति बन सकेगी।
हाईवे पर भी जलभराव
बहादुरगढ़ क्षेत्र में बारिश के कारण हाईवे के कुछ हिस्सों में भी पानी जमा हो गया। मुख्य मार्गों पर जलभराव होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। तेज बारिश के दौरान वाहन चालकों को सावधानी से गुजरना पड़ा।
पानी जमा होने के कारण सड़क पर गड्ढे और अन्य खराब हिस्से स्पष्ट नजर नहीं आने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया। दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति अधिक परेशानी वाली रही। कई लोगों ने पानी अधिक होने के कारण सुरक्षित रास्तों का इस्तेमाल किया।
गांवों की गलियों में भी परेशानी
शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश का असर दिखाई दिया। कई गांवों की गलियों में पानी जमा होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। कच्चे और निचले रास्तों पर स्थिति ज्यादा खराब रही।
जलभराव के कारण पैदल चलने वालों को भी परेशानी हुई। कई स्थानों पर लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। स्थानीय लोगों ने जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की है, ताकि हर बार बारिश के दौरान ऐसी स्थिति न बने।
दिनभर जारी रहा पानी निकासी का काम
बारिश के कारण पैदा हुई स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई स्थानों पर पानी की निकासी का काम किया गया। विशेष रूप से रेलवे अंडरपास से पानी निकालने पर जोर रहा। कर्मचारी दिनभर पानी कम करने में जुटे रहे।
लगातार बारिश के कारण एक ओर जहां पानी निकालने का काम जारी रहा, वहीं दूसरी ओर नए क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति बनती रही। इससे प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने चुनौती बनी रही।
80 एमएम से ज्यादा बारिश
मौसम के आंकड़ों के अनुसार शनिवार सुबह तक पिछले 24 घंटे में बहादुरगढ़ में 69.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके बाद दोपहर के समय 11 एमएम और बारिश हुई। इस तरह क्षेत्र में कुल बारिश 80 एमएम से अधिक दर्ज की गई।
कम समय में इतनी बारिश होने के कारण सामान्य जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया। लगातार बारिश से निचले क्षेत्रों में पानी जमा होता चला गया। मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने पर आने वाले समय में जलभराव की समस्या और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
लोगों ने जलनिकासी व्यवस्था सुधारने की मांग की
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बरसात से पहले नालियों और ड्रेनों की सफाई तथा जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। इससे बारिश के दौरान पानी को जल्द बाहर निकालने में मदद मिल सकती है।
रेलवे अंडरपास में बार-बार पानी भरने की समस्या को लेकर भी स्थायी समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है। लोगों का कहना है कि अंडरपास बंद होने से आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
शनिवार को लगातार हुई बारिश ने बहादुरगढ़ में आम जनजीवन को प्रभावित किया। गांवों की गलियों से लेकर मुख्य सड़कों और हाईवे तक जलभराव देखने को मिला। रेलवे अंडरपास बंद होने से यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा।
फिलहाल पानी की निकासी का काम जारी है। प्रशासन और संबंधित विभागों की चुनौती यह है कि जलभराव वाले क्षेत्रों से जल्द से जल्द पानी निकाला जाए और यातायात व्यवस्था सामान्य की जाए। वहीं, यदि बारिश का दौर आगे भी जारी रहता है तो जलनिकासी व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त इंतजाम करने की जरूरत होगी।





