NCR Gurugram: जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एमटीपी किट मामले में 70 से अधिक लोगों से की पूछताछ

गुरुग्राम: एमटीपी किट (मेडिकल टर्मिनेश ऑफ प्रेग्नेंसी) की ऑनलाइन सप्लाई मामले में जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम 70 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
उत्तर प्रदेश के बदायूं से आरोपी अपूर्व उपाध्याय (वेबसाइट मालिक) से ऑनलाइन एमटीपी किट भेजने संबंधी 7841 बिल बरामद किए गए। इन बिलों में लिखे पतों के आधार पर गुरुग्राम सहित हरियाणा के कई जिलों के लोगों से पूछताछ करके सबूत एकत्रित किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि गुरुग्राम के स्वास्थ्य विभाग व गुरुग्राम पुलिस टीम ने जब बदायूं से आरोपी अपूर्व उपाध्याय को गिरफ्तार किया तो उसने वेबसाइट बंद कर दी थी। जिला स्वास्थ्य विभाग व गुरुग्राम पुलिस की टीमें आॅनलाइन एमटीपी किट संबंधी रिकॉर्ड को एकत्रित करने में जुटी हैं, ताकि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत एकत्रित किए जा सकें। एमटीपी एक्ट के जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुमित धनखड़ ने बताया कि आरोपियों से बरामद किए गए बिलों के पतों के आधार पर लोगों से पूछताछ की जा रही है। आॅनलाइन एमटीपी किट मंगवाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है, क्योंकि एमटीपी किट को बिना डॉक्टर के निरीक्षण व पर्चे के प्रयोग नहीं किया जा सकता। इससे एमटीपी किट की दवाई लेने वाली महिला की जान को खतरा हो सकता है।
मामले में दर्ज हो चुकी तीन एफआईआर: ऑनलाइन एमटीपी किट सप्लाई मामले में जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से सेक्टर-40 थाना में तीन एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। इनमें एक एफआईआर उत्तर प्रदेश के बदायूं से आरोपी अपूर्व उपाध्याय (वेबसाइट मालिक), दूसरी एफआईआर गाजियाबाद से गिरफ्तार दो आरोपियों सत्यम त्रिपाठी व विपुल त्यागी के खिलाफ है। वहीं, तीसरी एफआईआर बिहार के रितेश के खिलाफ दर्ज की गई है। एमटीपी किट आॅनलाइन सप्लाई मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों अपूर्व उपाध्याय, सत्यम त्रिपाठी व विपुल त्यागी को ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेजा जा चुका है।





