
Haryana हरियाणा: गांव नरड़ की बेटी प्रियंका चहल ने देश की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्था भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) में वैज्ञानिक अधिकारी (साइंटिफिक ऑफिसर) के पद पर चयनित होकर अपने गांव और जिले का नाम रोशन किया है। प्रियंका का चयन बीएआरसी ओसीईएस-2026 के तहत भौतिक विज्ञान विषय में हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
प्रियंका चहल की इस सफलता को एक बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। वैज्ञानिक संस्थान बीएआरसी देश के प्रमुख अनुसंधान केंद्रों में से एक है, जहां चयनित होना उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा और कठिन परीक्षा प्रक्रिया का परिणाम माना जाता है। प्रियंका ने इस कठिन चयन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार कर यह उपलब्धि हासिल की है।
उनकी इस सफलता के बाद गांव नरड़ और आसपास के क्षेत्रों में बधाई देने वालों का तांता लग गया है। ग्रामीणों और परिचितों ने प्रियंका की मेहनत और लगन की सराहना की है और इसे क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायक बताया है।
प्रियंका चहल के परिवार में भी इस उपलब्धि से खुशी का माहौल है। उनके पिता राजबीर सिंह चहल एक शिक्षक हैं, जिन्होंने बेटी की इस सफलता पर गर्व व्यक्त किया है। परिवार का कहना है कि प्रियंका ने शुरू से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और वैज्ञानिक बनने का सपना देखा था, जिसे उसने अपनी मेहनत और निरंतर प्रयास से पूरा किया।
प्रियंका की प्रारंभिक शिक्षा लिटिल फ्लावर विजिटेशन सीनियर सेकेंडरी कॉन्वेंट स्कूल से हुई, जहां उन्होंने वर्ष 2017 में दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने चमन वाटिका रेजिडेंशियल स्कूल फॉर गर्ल्स से वर्ष 2019 में नॉन-मेडिकल विषय के साथ बारहवीं कक्षा पूरी की।
उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय का रुख किया, जहां उन्होंने वर्ष 2022 में बीएससी की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2024 में एमएससी (भौतिक विज्ञान) की पढ़ाई पूरी की। उनकी शैक्षणिक यात्रा लगातार मेहनत और उत्कृष्ट परिणामों से भरी रही है।
प्रियंका के शिक्षकों का कहना है कि वह शुरू से ही एक मेधावी छात्रा रही हैं और विज्ञान विषय में उनकी विशेष रुचि थी। उनकी लगन और अनुशासन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बीएआरसी ओसीईएस-2026 में चयन एक अत्यंत प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया होती है, जिसमें देशभर से प्रतिभाशाली उम्मीदवार भाग लेते हैं। इस परीक्षा और इंटरव्यू प्रक्रिया के माध्यम से चयनित उम्मीदवारों को वैज्ञानिक अनुसंधान और परमाणु ऊर्जा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करने का अवसर मिलता है।
प्रियंका की इस सफलता को क्षेत्र में शिक्षा के महत्व और बेटियों की बढ़ती भागीदारी का उदाहरण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
गांव के लोगों ने भी प्रियंका के परिवार को बधाई दी है और इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है। सोशल मीडिया पर भी प्रियंका की सफलता को लेकर शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है।
फिलहाल प्रियंका चहल के चयन से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले में उत्साह का माहौल है। यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि कड़ी मेहनत और सही दिशा में प्रयास से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।





