
गुरुग्राम। सेक्टर-93 चौकी क्षेत्र के अंतर्गत गढ़ी हरसरू गांव में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। निर्माणाधीन इमारत की तीसरी मंजिल से गिरने के कारण 50 वर्षीय राजमिस्त्री राम अवतार की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब वह इमारत की ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान ईंट, सीमेंट और रोड़ी-बजरी ऊपर पहुंचाने के लिए लगाई गई ट्रॉली का पूरा सेटअप अचानक टूट गया।
मिली जानकारी के अनुसार घटना बुधवार सुबह करीब 9 बजे की है। राम अवतार तीसरी मंजिल पर काम कर रहे थे। निर्माण सामग्री ऊपर ले जाने के लिए अस्थायी ट्रॉली व्यवस्था बनाई गई थी। काम के दौरान अचानक ट्रॉली से जुड़ा सेटअप टूटकर नीचे गिरने लगा। इससे राम अवतार का संतुलन बिगड़ गया और वह भी ऊंचाई से नीचे जा गिरे।
हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां काम कर रहे अन्य मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। राम अवतार के नीचे गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद मजदूर और स्थानीय लोग तुरंत उनके पास पहुंचे और उन्हें बचाने का प्रयास किया।
ऊंचाई से गिरने के कारण राम अवतार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना के संबंध में जानकारी जुटानी शुरू की।
मृतक राम अवतार मूल रूप से राजस्थान के दौसा जिले के रहने वाले थे। वह पिछले कई वर्षों से अपने परिवार के साथ गढ़ी हरसरू क्षेत्र में रह रहे थे और राजमिस्त्री का काम करके परिवार का भरण-पोषण करते थे।
उनकी मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। रोज की तरह काम पर निकले राम अवतार के साथ अचानक हुए हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वहां मौजूद मजदूरों और अन्य लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि निर्माण सामग्री ऊपर पहुंचाने के लिए लगाई गई ट्रॉली के टूटने के बाद हादसा हुआ।
अब यह जांच का विषय है कि ट्रॉली का सेटअप किस स्थिति में लगाया गया था, उसकी मजबूती की जांच की गई थी या नहीं और निर्माण स्थल पर जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं।
निर्माणाधीन इमारतों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर लगातार नियम बनाए गए हैं। ऊंचाई पर काम करते समय सुरक्षा बेल्ट, हेलमेट और मजबूत प्लेटफॉर्म जैसी व्यवस्थाएं जरूरी मानी जाती हैं। इसके अलावा निर्माण सामग्री ऊपर पहुंचाने के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की भी नियमित जांच होनी चाहिए।
इस घटना के बाद निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस यह भी देख रही है कि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या उपकरण की देखरेख में लापरवाही बरती गई थी।
मौके पर मौजूद लोगों से घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दुर्घटना के समय ट्रॉली पर कितना भार था और उसका कौन सा हिस्सा सबसे पहले टूटा।
यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है।
राम अवतार लंबे समय से निर्माण कार्य से जुड़े हुए थे और राजमिस्त्री के रूप में काम कर रहे थे। परिवार के लिए वही मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनकी अचानक मौत से परिजनों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति भी बन सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गढ़ी हरसरू और आसपास के इलाकों में तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है। बड़ी संख्या में मजदूर ऊंची इमारतों और निर्माणाधीन ढांचों पर काम करते हैं। ऐसे में सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और उनकी गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
निर्माण स्थलों पर छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। खासतौर पर ऊंचाई पर काम करने वाले मजदूरों को अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत होती है।
इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ट्रॉली जैसी मशीनों और अस्थायी उपकरणों का इस्तेमाल करने से पहले उनकी मजबूती और क्षमता की जांच जरूरी होती है।
पुलिस अब निर्माण स्थल से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इमारत का निर्माण किसके द्वारा कराया जा रहा था और काम की जिम्मेदारी किस ठेकेदार या एजेंसी के पास थी।
घटना के समय मौजूद मजदूरों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं। इससे यह स्पष्ट होगा कि हादसे से पहले ट्रॉली में किसी तरह की खराबी नजर आई थी या नहीं।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोगों को विश्वास नहीं हो रहा कि सुबह काम पर निकले राम अवतार अब वापस नहीं लौटेंगे।
हादसे के बाद कुछ समय के लिए निर्माण कार्य भी प्रभावित रहा। मजदूरों में घटना को लेकर भय और चिंता दिखाई दी।
अब पुलिस की जांच में यह सामने आना बाकी है कि ट्रॉली के टूटने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी। यदि तकनीकी खामी, खराब रखरखाव या सुरक्षा में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जाएगी।
गढ़ी हरसरू में बुधवार सुबह हुई इस घटना ने मजदूर सुरक्षा का मुद्दा फिर सामने ला दिया है। 50 वर्षीय राम अवतार की तीसरी मंजिल से गिरकर हुई मौत के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।





