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पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव को निर्देश दिया है कि वे 28 अक्टूबर को होने वाली 'जनरल बॉडी मीटिंग' को फिलहाल रोक दें। इस बैठक में फेडरेशन के अध्यक्ष अजय सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर विचार किया जाना था। न्यायमूर्ति त्रिभुवन दहिया ने अजय सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। अजय सिंह ने 8 अक्टूबर के उस नोटिस को चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने और इसके लिए 'जनरल बॉडी मीटिंग' बुलाने का प्रस्ताव था।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता चेतन मित्तल ने दलील दी कि फेडरेशन के संविधान के अनुसार, अध्यक्ष को केवल अविश्वास प्रस्ताव के जरिए ही हटाया जा सकता है। इसके लिए "विशेष रूप से बुलाई गई बैठक में जनरल बॉडी के कम से कम तीन-चौथाई सदस्यों का समर्थन" जरूरी है। यह भी तर्क दिया गया कि "एक विशेष जनरल मीटिंग केवल अध्यक्ष द्वारा, या कार्यकारी समिति के दो-तिहाई सदस्यों के अनुरोध पर ही बुलाई जा सकती है।" महासचिव ने 8 अक्टूबर को नोटिस जारी कर याचिकाकर्ता के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने और 'जनरल बॉडी मीटिंग' बुलाने का प्रस्ताव रखा था।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि अविश्वास प्रस्ताव लाने और बैठक बुलाने का यह नोटिस फेडरेशन के संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है। अदालत ने 13 नवंबर के लिए नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया: "...दूसरे प्रतिवादी को निर्देश दिया जाता है कि वह सुनवाई की अगली तारीख तक 'जनरल बॉडी मीटिंग' को रोक कर रखे।"
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