हरियाणा

रोडवेज कर्मचारियों का बड़ा ऐलान प्रदेशभर में हड़ताल

Ratna Netam
16 Aug 2026 7:27 PM IST
रोडवेज कर्मचारियों का बड़ा ऐलान प्रदेशभर में हड़ताल
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चंडीगढ़। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 5 सितंबर को राज्यव्यापी हड़ताल करने का ऐलान किया है। कर्मचारियों का आरोप है कि परिवहन मंत्री की ओर से मांगों पर बातचीत के लिए बैठक बुलाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी कोई बैठक नहीं हुई। इसके विरोध में प्रदेश के अलग-अलग रोडवेज डिपो में कर्मचारियों ने दो घंटे तक प्रदर्शन किया और परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन संबंधित महाप्रबंधकों को सौंपा।
चंडीगढ़ डिपो में आयोजित विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व नीरज ने किया। कार्यक्रम का संचालन जसमेर और संदीप कुमार ने किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। साझा मोर्चा के नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द बातचीत शुरू कर मांगों का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
साझा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य भूपेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह ने बताया कि कर्मचारियों ने 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के आवास का घेराव किया था। उस समय मंत्री स्वयं प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों के बीच पहुंचे थे और उनसे मांग पत्र लिया था। कर्मचारी नेताओं के अनुसार, परिवहन मंत्री ने 15 दिनों के भीतर साझा मोर्चा के प्रतिनिधियों के साथ बैठक बुलाने का आश्वासन दिया था।
कर्मचारियों का कहना है कि आश्वासन की समय सीमा पूरी होने के बाद भी बैठक के लिए कोई आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया। इससे प्रदेशभर के रोडवेज कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। इसी के बाद डिपो स्तर पर दो घंटे का विरोध प्रदर्शन करने और 5 सितंबर को हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया। जींद और रोहतक सहित कई डिपो में भी प्रदर्शन किए गए हैं।
साझा मोर्चा की प्रमुख मांगों में रोडवेज विभाग में खाली पड़े हजारों पदों को भरना शामिल है। कर्मचारी संगठन का कहना है कि चालक, परिचालक, हेल्पर और मैकेनिक के बड़ी संख्या में पद खाली हैं। इसका असर मौजूदा कर्मचारियों के काम के बोझ और बस सेवाओं के संचालन पर पड़ रहा है। संगठन ने इन पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
परिचालकों और चालकों के पे-ग्रेड में बढ़ोतरी भी आंदोलन की मुख्य मांग है। परिचालकों को लिपिकों की तर्ज पर तीन अतिरिक्त वेतन वृद्धि देने और जोखिम वाली ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को जोखिम भत्ता प्रदान करने की मांग उठाई गई है। कर्मचारी चाहते हैं कि बस अड्डों पर स्टैंड इंचार्ज का नया पद बनाया जाए और योग्य कर्मचारियों को इस पद पर पदोन्नति दी जाए।
साझा मोर्चा ने वर्ष 2016 में भर्ती किए गए चालकों को नियमित करने और वर्ष 2018 में नियुक्त कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति देने की मांग भी रखी है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नियुक्त परिचालकों सहित सभी अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की जा रही है।
कर्मचारी संगठनों ने इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में अपनाई जा रही ठेका व्यवस्था का भी विरोध किया है। उनका कहना है कि ठेका प्रणाली समाप्त करके इन बसों का संचालन सीधे हरियाणा रोडवेज के माध्यम से किया जाना चाहिए। इसके अलावा पहले की तरह अर्जित अवकाश का लाभ बहाल करने, कार्यालय सहायकों के पद बढ़ाने और उन्हें लिपिक पद पर पदोन्नति का अवसर देने की मांग शामिल है।
रोहतक में हुए प्रदर्शन के दौरान करीब 60 चालकों और परिचालकों ने भाग लिया और महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। वहां कर्मचारी नेताओं ने 5 सितंबर को सांकेतिक राज्यव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी।
यदि निर्धारित हड़ताल होती है तो प्रदेश में सरकारी बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इससे प्रतिदिन रोडवेज बसों पर निर्भर विद्यार्थियों, कर्मचारियों और दूसरे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि 5 सितंबर से पहले सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत होने पर हड़ताल से संबंधित फैसला बदला भी जा सकता है। फिलहाल सरकार की ओर से इन मांगों और हड़ताल की घोषणा पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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