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लोहड़ी उत्सव की धूम, शहरभर में शुरू हुई सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रमों की तैयारियां

SHIDDHANT
12 Jan 2026 9:18 PM IST
लोहड़ी उत्सव की धूम, शहरभर में शुरू हुई सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रमों की तैयारियां
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Hariyana हरियाणा: जनवरी 13 को आने वाले लोहड़ी 2026 के मौके पर चंडीगढ़ में उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में कम्युनिटीज़ ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ इस त्योहार को मनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। लोहड़ी, पंजाब और हरियाणा की संस्कृति में एक महत्वपूर्ण त्यौहार है, जिसे खासतौर पर फसल कटाई के मौसम में किसानों की खुशहाली के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। चंडीगढ़ में भी इस दिन लोग एकत्र होकर पारंपरिक गीत, बोंग (भांगड़ा) और गिद्दा का आनंद लेते हैं।
शहर के सेक्टरों और मोहल्लों में आग जलाने की तैयारी की जा रही है, जिसे लोहड़ी का सबसे खास हिस्सा माना जाता है। लोग लकड़ी और तिल के गुड़ के साथ आग जलाते हैं और उसके चारों ओर गोल घेरा बनाकर डांस करते हैं। बच्चों और युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जहां वे लोहड़ी के गीत गाते और नृत्य करते नजर आएंगे। स्थानीय कम्युनिटी सेंटर और स्कूलों में भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इन कार्यक्रमों में लोक गीत, नृत्य, ड्रामा और फोक आर्ट के माध्यम से लोहड़ी की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत किया जा रहा है। इसके अलावा, कई मोहल्लों में खिचड़ी और तिल-गुड़ के व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं, जो लोहड़ी के पारंपरिक स्वाद का हिस्सा हैं।
स्थानीय प्रशासन ने इस अवसर पर सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर भी विशेष उपाय किए हैं। पार्कों और सार्वजनिक स्थानों में आग जलाने के दौरान सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं ताकि बच्चों और परिवारों के लिए उत्सव सुरक्षित तरीके से मनाया जा सके। शहरवासियों ने कहा कि लोहड़ी केवल एक पारंपरिक त्योहार नहीं है, बल्कि यह सामुदायिक एकता और खुशहाली का प्रतीक भी है। लोग पुराने साल की कठिनाइयों को पीछे छोड़कर नए साल की शुरुआत उत्साह और उमंग के साथ करते हैं।
चंडीगढ़ के सांस्कृतिक आयोजक भी शहर के विभिन्न हिस्सों में ड्रोन शो और सांस्कृतिक प्रदर्शनियों का आयोजन कर रहे हैं, जिससे इस त्योहार का आनंद बढ़ सके। युवा और बुजुर्ग दोनों ही उत्सव में भाग लेकर अपनी खुशियों को साझा कर रहे हैं। इस प्रकार, लोहड़ी 2026 चंडीगढ़ में पारंपरिक उत्साह, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामुदायिक सहभागिता के साथ पूरे शहर में मनाई जा रही है। यह त्योहार शहरवासियों को न केवल अपने रीति-रिवाजों से जोड़ता है बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश भी देता है।
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