
सिरसा। नाथूसरी चौपटा स्थित चौधरी देवी लाल (CDL) गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक एजुकेशन सोसायटी के लेक्चरर्स और स्टाफ ने समय पर वेतन नहीं मिलने को लेकर नाराजगी जताई है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले कई महीनों से वेतन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वेतन में देरी की समस्या को लेकर सभी लेक्चरर्स और स्टाफ सदस्यों ने वीरवार को प्राचार्य विवेक वोरा को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने मांग की कि उनका वेतन हर महीने समय पर जारी किया जाए, ताकि उन्हें परिवार के खर्च चलाने में परेशानी न हो।
कर्मचारियों ने बताया कि कई बार तीन से चार महीने तक वेतन का इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि संस्थान में बजट सेक्शन मौजूद होने के बावजूद वेतन भुगतान की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो रही है। इसके कारण कर्मचारियों को आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है।
लेक्चरर्स और स्टाफ सदस्यों का कहना है कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने से उनका मनोबल प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि घर का किराया, बच्चों की पढ़ाई, रोजमर्रा के खर्च और अन्य आर्थिक जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल हो गया है।
कर्मचारियों ने कहा कि वेतन किसी भी कर्मचारी की मूल जरूरत होती है। लंबे समय तक वेतन नहीं मिलने से उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मचारियों ने बताया कि आर्थिक परेशानियों के कारण उन्हें उधार लेने तक की स्थिति बन जाती है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं प्राचार्य के सामने रखीं और जल्द समाधान की मांग की। उन्होंने कहा कि वे संस्थान के कामकाज को प्रभावित नहीं करना चाहते, लेकिन लगातार वेतन में देरी के कारण उनकी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
कर्मचारियों ने मांग की कि वेतन जारी करने के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। उन्होंने कहा कि हर महीने वेतन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
प्राचार्य विवेक वोरा को सौंपे गए ज्ञापन में कर्मचारियों ने अपनी आर्थिक समस्याओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समय पर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारी और उनके परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि संस्थान में शिक्षण कार्य और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां लगातार जारी हैं। ऐसे में कर्मचारियों को भी अपनी आवश्यकताओं के लिए नियमित आय की जरूरत होती है।
वहीं, प्राचार्य को दिए गए ज्ञापन के बाद अब कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा। कर्मचारियों ने प्रशासन से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों का कहना है कि समय पर वेतन मिलने से न केवल आर्थिक स्थिरता बनी रहती है, बल्कि कर्मचारी बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर पाते हैं।
कर्मचारियों ने कहा कि वे संस्थान की प्रगति और विद्यार्थियों के हित में पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं। इसलिए उनकी मूल समस्या का समाधान करना जरूरी है।
फिलहाल कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांग प्रबंधन तक पहुंचा दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि वेतन भुगतान को लेकर प्रबंधन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।





