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हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के अध्यक्ष के रूप में पूर्व भारतीय वन सेवा अधिकारी आलोक वर्मा का छह साल का कार्यकाल कल समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस पद के लिए किसे चुनती है। इस बीच, सेवानिवृत्त हो चुके और जल्द ही सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों के नामों की चर्चा भी शुरू हो गई है।
गौरतलब है कि कई अन्य आयोगों में भी शीर्ष पदों पर नियुक्तियां होनी बाकी हैं। फिलहाल, हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC), 'राइट टू सर्विस' आयोग और हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैसे कई निकायों में अध्यक्ष का पद खाली है। हालांकि, इनमें से कुछ आयोगों और प्राधिकरणों का प्रभार अभी IAS अधिकारियों के पास है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सरकार HPSC (जिसे सभी आयोगों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है) और HERC में खाली पदों को भरने को प्राथमिकता दे सकती है।
सूत्रों ने आगे बताया कि सरकार हाल ही में सेवानिवृत्त हुए या अगले कुछ महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले वरिष्ठ अधिकारियों में से किसी एक को चुन सकती है। सूत्रों ने कहा, "अन्य आयोगों में नियुक्तियों के लिए कुछ समय इंतजार किया जा सकता है, लेकिन HPSC में नियुक्ति एक संवेदनशील मामला है। चूंकि भर्ती प्रक्रिया लगातार चलती रहती है, इसलिए सरकार इस नियुक्ति में देरी नहीं करना चाहेगी। काम की प्रकृति को देखते हुए, अध्यक्ष के पद को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा।"
सरकार में इस साल कई वरिष्ठ अधिकारी सेवानिवृत्त हुए हैं या साल के अंत तक सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इस साल की शुरुआत में सेवानिवृत्त होने वाले वरिष्ठ IAS अधिकारियों में राजा शेखर वुंड्रू और अरुण कुमार गुप्ता शामिल हैं, जबकि IAS अधिकारी अनुराग रस्तोगी (जो अभी एक्सटेंशन पर हैं) और सुधीर राजपाल इस साल सेवानिवृत्त होने वाले हैं। 1990 बैच के IPS अधिकारी शत्रुजीत सिंह कपूर इस महीने के अंत में सेवानिवृत्त होंगे, जबकि 1990 बैच की IAS अधिकारी सुमिता मिश्रा अगले साल जनवरी में सेवानिवृत्त होंगी।
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