हरियाणा

Kurukshetra: कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की छात्रा निधि बंसल बनीं गुजरात में सिविल जज

Admindelhi1
12 March 2026 3:32 PM IST
Kurukshetra: कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की छात्रा निधि बंसल बनीं गुजरात में सिविल जज
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कुरुक्षेत्र: हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में शाहाबाद की रहने वाली निधि बंसल ने गुजरात न्यायिक सेवा परीक्षा 2025 पास कर सिविल जज बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में हासिल की। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

निधि बंसल मूल रूप से शाहाबाद की कुम्हारों वाली गली की रहने वाली हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा शाहाबाद के आर्य गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल से हुई, जहां से उन्होंने वर्ष 2008 में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद वर्ष 2011 में आर्य कन्या कॉलेज शाहाबाद से बी.कॉम की डिग्री हासिल की। बी.कॉम के बाद उन्होंने न्यायिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया। वर्ष 2014 में उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एलएलबी और वर्ष 2017 में एलएलएम की डिग्री प्राप्त की।

निधि बंसल की साल 2017 में हुई शादी

निधि बंसल की शादी वर्ष 2017 में राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी कार्तिक बंसल के साथ हुई। उनके पति कार्तिक बंसल आयकर विभाग में आईटी इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग गुजरात में है, जिसके चलते परिवार भी मेहसाणा में रह रहा है। परिवार के गुजरात में रहने के कारण निधि बंसल ने वर्ष 2024 से मेहसाणा जिला अदालत में वकालत और प्रैक्टिस शुरू की। इस दौरान उन्हें न्यायिक प्रक्रिया का अच्छा अनुभव मिला, जिसका लाभ उन्हें न्यायिक सेवा परीक्षा में भी मिला।

तीसरे प्रयास में मिली सफलता

निधि बंसल ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। उन्हें दो बार असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी। लगातार मेहनत और लगन के साथ उन्होंने तीसरे प्रयास में परीक्षा पास कर ली। निधि बंसल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पति और परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी उनके पति और परिवार ने उनका हौसला बनाए रखा और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। निधि बंसल का कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन मेहनत और धैर्य से अपने लक्ष्य तक पहुंचा जा सकता है। असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

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