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Haryana हरियाणा : बिजली बिलों में हुई भारी बढ़ोतरी से आटा चक्की संचालकों में नाराजगी है। इसके लिए लेकर आटा चक्की यूनियन की एक आपात बैठक प्रधान मुलख राज बतरा की अध्यक्षता में रविवार को हुई।
इसमें बिजली के फिक्स चार्ज के लिए सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया गया। प्रधान मुलख राज बतरा और सचिव विनोद तलवाड़ ने बताया कि आटा चक्कियों में सामान्यत: 15 से 19 किलोवाट तक की मोटर लगती है। ऐसे में सरकार द्वारा 102 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से फिक्स चार्ज लगाना पूरी तरह अनुचित है। इससे चक्की संचालकों को हर महीने 1500 से 1900 रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है।
इसके साथ ही टैक्स, अन्य चार्ज और प्रति यूनिट दरों में बढ़ोतरी के चलते संचालकों को हर माह करीब चार से पांच हजार रुपये की चपत लग रही है। संचालकों ने आरोप लगाया कि सरकार पहले ही किलोवाट के आधार पर उनसे सिक्योरिटी राशि ले चुकी है। ऐसे में दोबारा फिक्स चार्ज लगाना तानाशाही है। नौ वर्षों में बिजली दरों में लगातार बढ़ोतरी हुई, लेकिन उन्होंने पिसाई व सफाई की दरें नहीं बढ़ाईं। अब सरकार की नीतियों से उनका व्यवसाय घाटे में चला गया है। संचालकों ने बिजली की दरों में की गई बढ़ोतरी और फिक्स चार्ज को तुरंत वापस लेने की मांग की है। इस मौके पर विशाल शर्मा, ज्ञान चंद, संजीव कलसी, मनीष गर्ग, तरुण शर्मा, आनंद कुमार, हर्ष गर्ग सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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