हरियाणा

Jind: निपुण हरियाणा मिशन को नई रफ्तार देने की योजना

Admindelhi1
13 Sept 2026 5:51 PM IST
Jind: निपुण हरियाणा मिशन को नई रफ्तार देने की योजना
x
मिशन की गति बढ़ाने के लिए विभाग ने कसी कमर

जींद: निपुण हरियाणा मिशन के तहत विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में अपेक्षित सुधार लाने के लिए शिक्षा विभाग ने अब चयनित विद्यालयों पर विशेष फोकस करने की रणनीति तैयार की है। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार जिले में कैप्सूल स्कूल सपोर्ट प्रोग्राम लागू किया जाएगा।

कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे विद्यालयों में गहन एवं डेटा आधारित शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना है। जहां विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार की पर्याप्त संभावना है। विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार से न केवल संबंधित जिले की शैक्षणिक स्थिति बेहतर होगी बल्कि प्रदेश के समग्र पी जी आई स्कोर को भी मजबूती मिलेगी। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कैप्सूल स्कूल सपोर्ट प्रोग्राम को एक केंद्रित रणनीति के रूप में लागू करने का निर्णय लिया गया है।

जिले में 60 विद्यालयों का हुआ चयन

कैप्सूल स्कूल सपोर्ट प्रोग्राम के तहत जिले में 60 विद्यालयों यानी लगभग 15 प्रतिशत विद्यालयों का चयन किया गया है। जिसमे खंड जींद के 14 विद्यालय, खंड अलेवा के छह विद्यालय, खंड जुलाना के आठ विद्यालय, खंड नरवाना के 11 विद्यालय, खंड पिल्लूखेड़ा के छह विद्यालय, खंड सफीदों के छह विद्यालय, खंड उचाना के 10 विद्यालय चयनित किए गए हैं। चयन में मुख्य प्राथमिकता केटेगरी बी और केटेगरी सी के विद्यालयों को दी गई है। इन श्रेणियों में ऐसे विद्यालय शामिल हैं जहां निपुण विद्यार्थियों का प्रतिशत 40 से 60 के बीच है। विद्यालयों के चयन में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को आधार बनाया गया।

जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि विभाग ने आगामी आंकलनों को देखते हुए कक्षा दो और तीन के विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को विशेष महत्व दिया है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में असर असेस्मेंट निर्धारित है, जबकि आगामी शैक्षणिक वर्ष में परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण प्रस्तावित है। ऐसे में कक्षा दो और तीन के विद्यार्थियों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक दक्षताओं को मजबूत करना बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। वर्तमान में कक्षा दो में अध्ययनरत विद्यार्थी अगले शैक्षणिक सत्र में कक्षा तीन में पहुंचेंगे। इसलिए इस स्तर पर उन्हें दिया गया केंद्रित शैक्षणिक सहयोग आगे भी उनकी भाषा और गणना संबंधी दक्षताओं में सुधार को बनाए रखने में मददगार होगा।

Next Story