हरियाणा

Jhajjar: श्रमिक हितों के लिए भारतीय मजदूर संघ का विरोध

Admindelhi1
25 Feb 2026 7:22 PM IST
Jhajjar: श्रमिक हितों के लिए भारतीय मजदूर संघ का विरोध
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झज्जर: केंद्र सरकार की श्रम नीतियों और अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार को झज्जर का लघु सचिवालय परिसर श्रमिकों के आक्रोश का गवाह बना। भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले जिलेभर से पहुंचे कर्मचारियों और पदाधिकारियों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के उपरांत प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया के नाम विस्तृत मांगपत्र प्रेषित किया गया।

धरना-प्रदर्शन में आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर, मिड-डे मील कर्मचारी और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए भारतीय मजदूर संघ के राज्य प्रधान छोटा गहलोत व अन्य श्रमिक नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

सभा को संबोधित करते हुए श्रमिक नेताओं ने कहा कि आंगनवाड़ी, आशा और मिड-डे मील कर्मचारी वर्षों से अल्प मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें न तो नियमित वेतनमान प्राप्त है और न ही सामाजिक सुरक्षा की समुचित व्यवस्था। उन्होंने भारतीय मजदूर संघ की ओर से मांग की कि इन सभी कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और लंबित मांगों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए लेबर कोड को लेकर भी गहरी चिंता जताई। उनका कहना था कि कर्मचारियों के बीच कई तरह की शंकाएं बनी हुई हैं। सरकार को चाहिए कि वह स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करे।

संघ ने ई-पीएफ में अनिवार्य अंशदान की वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त बैंकिंग उद्योग में छह दिनों के स्थान पर पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू करने की भी मांग की गई, ताकि कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिल सके।सभा में वक्ताओं ने सामान्य भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक को तुरंत हटाने की भी मांग की। उनका कहना था कि इससे युवाओं के रोजगार के अवसर सीमित हो रहे हैं और विभागों में कार्यभार बढ़ रहा है।

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