Jhajjar: प्रदूषण बढ़ने पर झज्जर में ग्रैप-2, जनता से जिम्मेदारी की मांग

झज्जर: बहादुरगढ़ व बादली सहित जिला के दिल्ली से सटे सारे क्षेत्र में दीपावली के दिन दोपहर तक भी प्रदूषण का स्तर 300 माइक्रोग्राम से अधिक रहा। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रैप स्टेज-2 लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। यह फैसला तब लिया गया जब एनसीआर के अन्य क्षेत्रों की तरह बहादुरगढ़ में भी वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई। आयोग ने सभी जिलों के जिला प्रशासन, शहरी स्थानीय निकायों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि प्रदूषण को रोकने के लिए निर्धारित सभी उपायों को सख्ती से लागू किया जाए।
झज्जर जिला के बहादुरगढ़ व बादली में भी दीपावली के दिन हवा बेहद खराब हो गई। सोमवार सुबह बहादुरगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 313 दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक स्तर है। इस सीजन में यह पहली बार है जब शहर का प्रदूषण स्तर 300 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर से ऊपर पहुंचा है। यह स्थिति बहुत खराब श्रेणी में आती है। इससे लोगों को परेशानी होने लगी है। प्रशासन की ओर से आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों को प्रदूषण कम करने के लिए लोगों से सहयोग की अपील की है।
बोर्ड के अधिकारियों ने कहा है कि लोग सार्वजनिक परिवहन का प्रयोग करें, वाहनों के एयर फिल्टर नियमित रूप से बदलें, ठोस कचरा न जलाएं और अक्टूबर से जनवरी के बीच धूल फैलाने वाले निर्माण कार्यों से बचें। बहादुरगढ़ में नजफगढ़ रोड क्षेत्र के रहने वाले नरेश कुमार ने बताया कि वह और उनके साथी सुबह करीब 6:00 बजे शहर के लिए निकलते हैं। लेकिन लेकिन दीपावली पर पटाखे फोड़ने की अनुमति देते ही रात के समय काफी पटाखे छोड़े गए। ऐसे में प्रदूषण काफी फैल गया। प्रशासन को प्रदूषण रोकने के उपाय करने चाहिए। सड़कों पर उड़ती धूल को रोने के लिए पानी का छिड़काव करना चाहिए।
जिला प्रशासन ने लोगों से आह्वान किया है कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और निजी वाहनों का प्रयोग न्यूनतम रखें। तकनीक का उपयोग करते हुए कम भीड़भाड़ वाले रास्ते चुनें, भले ही वे थोड़े लंबे क्यों न हों। अपने वाहनों के एयर फिल्टर को निर्धारित अंतराल पर नियमित रूप से बदलने की सलाह भी दी गई है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि अक्टूबर से जनवरी के महीनों के दौरान धूल उत्पन्न करने वाली निर्माण गतिविधियों से बचें।





