
हिसार: कर्मचारियों की लंबित मांगों और वेतन-भत्तों के भुगतान की मांग पर चल रहे आंदोलन के बीच सोमवार को महाप्रबंधक की ओर से बुलाई गई बैठक के बावजूद समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। आंदोलन को 21 दिन हो चुके हैं, लेकिन कर्मचारियों की मांगों के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठने से उनमें रोष बढ़ता जा रहा है। सांझा संघर्ष समिति ने अब बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू करने का फैसला लिया है।
सांझा संघर्ष समिति के प्रेस प्रवक्ता संदीप जैनावास ने सोमवार को कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लगातार लंबित रखना दुर्भाग्यपूर्ण है। कर्मचारियों को अपने मेहनत से अर्जित वेतन-भत्तों और अन्य वित्तीय लाभों के लिए लंबे समय से संघर्ष करना पड़ रहा है। बार-बार बैठकें होने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होना कर्मचारियों में भारी रोष पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि सांझा संघर्ष समिति अब स्टेट सांझा मोर्चा और हिसार कमिश्नरी के साथ बातचीत कर आगामी बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार करेगी। कर्मचारियों की लंबित मांगों को पूरा करवाने के लिए समिति हरसंभव प्रयास करेगी। जब तक मांगों का उचित समाधान नहीं होता, संघर्ष जारी रहेगा।
संदीप जैनावास ने स्पष्ट किया कि आगामी आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी महाप्रबंधक, जिला प्रशासन और हरियाणा सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी है। समिति ने मांग की कि कर्मचारियों के लंबित वेतन-भत्तों का भुगतान करने के साथ अन्य समस्याओं का भी जल्द समाधान किया जाए, ताकि कर्मचारियों को मजबूर होकर बड़े आंदोलन की राह न अपनानी पड़े।





