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Chandigarh चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी आईएएस अधिकारियों को अचल संपत्ति रिटर्न समय पर जमा करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण पत्र में एआईएस (आचरण) नियम, 1968 के नियम 16(2) के तहत वर्ष 2025 के लिए आईपीआर भरने की समय सीमा याद दिलाई गई है। पत्र के अनुसार 'स्पैरो' पोर्टल पर ऑनलाइन आईपीआर मॉड्यूल 1 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक खुला रहेगा। इस अवधि के बाद पोर्टल खुद बंद हो जाएगा।
आईएएस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपना आईपीआर इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा करें या मैन्युअल रूप से भरा गया फॉर्म स्कैन करके अपलोड करें और अंतिम तिथि से पहले ई-हस्ताक्षर कर प्रक्रिया पूरी करें। महत्वपूर्ण बात यह है कि अब राज्य सरकार या डीओपीटी को आईपीआर की हार्ड कॉपी भेजने की कोई आवश्यकता नहीं है।
पत्र में चेतावनी दी गई है कि आईपीआर समय पर जमा न करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जा सकती है। डीओपीटी के पुराने आदेश के अनुसार, यह एक अच्छा और पर्याप्त कारण माना जाएगा। इसके अलावा, आईएएस (वेतन) नियम, 2016 में 30 दिसंबर 2021 की अधिसूचना से संशोधन के बाद, अगले वेतन मैट्रिक्स स्तर पर प्रमोशन/इंक्रीमेंट के लिए आईपीआर समय पर जमा करना अनिवार्य हो गया है।
डीओपीटी ने 1 जनवरी 2017 से 'स्पैरो' मॉड्यूल के माध्यम से आईपीआर की ऑनलाइन फाइलिंग शुरू की थी। पिछले कुछ वर्षों में अधिकांश अधिकारी इस प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं, लेकिन कुछ मामलों में अधिकारी फॉर्म भरने के बाद ई-साइन करना भूल जाते हैं, जिससे आईपीआर अधूरा रह जाता है। इसलिए, सभी कैडर अधिकारियों को इस बात की विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
नए भर्ती/इंडक्ट किए गए आईएएस अधिकारियों के 'स्पैरो' अकाउंट को भी समय पर एक्टिवेट करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वे भी निर्धारित समय में आईपीआर जमा कर सकें। हरियाणा सरकार ने सभी आईएएस अधिकारियों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया का सख्त अनुपालन सुनिश्चित करें। पत्र सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से जारी किया गया है और इसे हरियाणा कैडर के सभी आईएएस अधिकारियों तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।
यह कदम पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप राज्य स्तर पर समय-समय पर ऐसी याद दिलाने वाली सूचनाएं जारी की जाती हैं ताकि कोई भी अधिकारी नियमों का उल्लंघन न करे। अधिकारियों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द 'स्पैरो' पोर्टल पर लॉग इन कर अपनी संपत्ति विवरण अपडेट करें और समय सीमा से पहले प्रक्रिया पूरी कर लें। यह सुनिश्चित करेगा कि प्रशासनिक कार्यों में कोई बाधा न आए और अधिकारी अपने करियर में किसी अनावश्यक जटिलता से बच सकें।
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