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CBI ने 2002 बैच के IAS अधिकारी मोहम्मद शहीन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंज़ूरी के बिना IDFC फर्स्ट बैंक में जमा राशि की सीमा (सीलिंग) हटा दी। उस समय शहीन वित्त विभाग में 'इंस्टीट्यूशनल फाइनेंस एंड क्रेडिट कंट्रोल' के डायरेक्टर जनरल के तौर पर काम कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, CM सैनी ने 23 सितंबर, 2025 को एक प्रस्ताव को मंज़ूरी दी थी। इस प्रस्ताव में DCB बैंक को पैनल में शामिल करना, बंधन बैंक में जमा राशि पर 50 करोड़ रुपये की सीमा हटाना और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक व जना स्मॉल फाइनेंस बैंक की जमा सीमा को बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये करना शामिल था।
CBI ने पाया कि CM ने सीमा में कोई सामान्य बढ़ोतरी (सभी बैंकों के लिए) मंज़ूर नहीं की थी। एजेंसी का मानना है कि अगर सभी बैंकों के लिए सीमा हटाने का इरादा होता, तो इसे प्रस्ताव के साथ या बाद में मंज़ूरी के लिए CM के सामने रखा जा सकता था। हालांकि, फाइल पर नोट लिखते समय शहीन ने लिखा, "जारी करने से पहले ड्राफ्ट दिखाएं", यानी अंतिम जांच का अधिकार अपने पास रखा। CBI ने शहीन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने एक खास मंज़ूरी को सभी बैंकों के लिए सीमा हटाने के आदेश में बदल दिया। इसके लिए कोई कारण नहीं बताया गया।
CBI का दावा है कि शहीन की मंज़ूरी का असर सिर्फ़ IDFC फर्स्ट बैंक पर पड़ा, और उसमें भी चंडीगढ़ के सेक्टर 32 वाली ब्रांच पर। सूत्रों के मुताबिक, इसके तुरंत बाद पंचकूला नगर निगम ने बैंक में 100 करोड़ रुपये से ज़्यादा जमा किए। साथ ही, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के मामले में पहले हुई सीमा उल्लंघन (सीलिंग पार करने) का पता लगाना भी मुश्किल हो गया।
शहीन ने यह नहीं बताया कि एक जैसा नियम (यूनिफॉर्मिटी) क्यों ज़रूरी था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि जिस बैंक ने आवेदन नहीं किया था, उसे उन बैंकों से ज़्यादा फ़ायदा क्यों दिया जा रहा था जिन्होंने आवेदन किया था। उन्होंने उन बैंकों की आर्थिक स्थिति का भी कोई आकलन दर्ज नहीं किया जिनकी सीमा वे हटा रहे थे, जबकि यह सीमा सिर्फ़ 14 महीने पहले सावधानी के तौर पर तय की गई थी, क्योंकि उन बैंकों द्वारा सरकारी पैसे के प्रबंधन का अनुभव अभी तक परखा नहीं गया था। हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के MD के तौर पर, उन पर आरोपी बैंकरों के साथ खाते खोलने और IDFC फर्स्ट बैंक में एक खाते में 59.46 करोड़ रुपये तथा AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में 25 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
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