हरियाणा

Hisar: जनसमस्याओं पर सख्त रुख, अधिकारियों को अरविंद शर्मा की चेतावनी

Admindelhi1
31 July 2026 8:58 AM IST
Hisar: जनसमस्याओं पर सख्त रुख, अधिकारियों को अरविंद शर्मा की चेतावनी
x
सीवरेज व्यवस्था में लापरवाही पर अधिकारियों पर गिरेगी गाज

हिसार: हिसार की बदहाल सीवरेज व्यवस्था और जनसमस्याओं पर मंत्री अरविंद शर्मा ने सख्त तेवर दिखाए हैं। लघु सचिवालय में गुरुवार को आयोजित जिला लोकसंपर्क एवं जनपरिवाद समिति की मासिक बैठक में सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक महीने के भीतर शहर की सीवरेज व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित एसई और एक्सईएन को निलंबित कर दिया जाएगा।

निर्धारित समय से करीब डेढ़ घंटा देरी से शाम लगभग साढ़े चार बजे शुरू हुई बैठक में आमजन से जुड़ी 15 शिकायतों पर सुनवाई की गई। सीवरेज व्यवस्था को लेकर शिकायत सामने आते ही मंत्री का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने विभाग के एसई और एक्सईएन को फटकार लगाते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान फाइलों में नहीं, बल्कि फील्ड में उतरकर किया जाता है।

मंत्री ने दो टूक कहा कि अधिकारियों को कार्यालयों में बैठने की बजाय जनता के बीच जाकर समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एक महीने बाद भी शहर की सीवरेज व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो सीधे निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री के इस कड़े रुख का बैठक में मौजूद विधायक, मेयर और ग्रीवेंस कमेटी के सदस्यों ने भी समर्थन किया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शहर की सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। लोग रोज शिकायतें लेकर उनके पास आते हैं, लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा।

राजदरबार स्पेस कॉलोनाइजर पर भी मंत्री सख्त

बैठक के दौरान राजदरबार स्पेस कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने का मामला भी उठा। आरडब्ल्यूए ने कॉलोनाइजर पर गंभीर आरोप लगाए, लेकिन सुनवाई के समय उसका कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ। इस पर मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा नाराज हो गए।

उन्होंने एएसपी को निर्देश दिए कि अगली ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में राजदरबार स्पेस के मालिक को हर हाल में पेश किया जाए। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि वह उपस्थित नहीं होता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने एएसपी से कहा कि संबंधित कॉलोनाइजर की मौजूदगी सुनिश्चित करना उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी।

नए मामलों पर भी हुई सुनवाई

बैठक में पहली बार नौ महत्वपूर्ण शिकायतें भी रखी गईं। इनमें आदमपुर निवासी सुरेश कुमार द्वारा कीवी फल आयात के नाम पर 12.40 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी, भोजराज गांव के पास अस्पतालों का बायोमेडिकल कचरा और मानव अंग फेंके जाने, डाबड़ा गांव में पेयजल पाइपलाइन बिछाने में कथित भ्रष्टाचार, नकली कीटनाशक से किसानों की फसल खराब होने, 50 वर्ष पुराने बिजली कनेक्शन को काटकर वर्षों से औसत बिल भेजने, कृष्णा नगर में सीवरेज जाम, बांडाहेड़ी में पेयजल संकट, फैमिली आईडी के कारण राशन कार्ड कटने और एग्री स्टैक पोर्टल पर जमीन का रिकॉर्ड नहीं दिखने जैसी शिकायतें शामिल रहीं।

सभी मामलों की सुनवाई के दौरान मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जवाबदेह बनाते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की शिकायतों में लापरवाही अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Next Story