
हिसार: जिले में आधी रात के बाद तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। बुधवार देर रात से गुरुवार सुबह 8:30 बजे तक हिसार में 64.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, लेकिन शहर में जगह-जगह हुए जलभराव ने जनस्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। तेज आंधी के कारण कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
बारिश का असर नई अनाजमंडी में भी देखने को मिला। यहां खुले आसमान के नीचे पड़ी सैकड़ों क्विंटल मूंगफली अचानक हुई बारिश के पानी में बह गई और मंडी परिसर में फैल गई। खरीफ फसलों पर बारिश का मिला-जुला असर माना जा रहा है। धान की फसल को इससे फायदा होने की संभावना है, जबकि मूंग और कपास में नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है।
कप्तान स्कूल के पास विनोद नगर-तिलक नगर क्षेत्र की सड़क पर भी भारी जलभराव रहा। लंबे समय से जमा गंदे पानी के कारण सड़क तालाब जैसी नजर आई। बारिश के बाद स्थिति और खराब हो गई। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर कीचड़ और गंदा पानी जमा रहा। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी परेशानी हुई।
बारिश के बाद दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि बुधवार को यह 25 डिग्री था। इसी तरह बुधवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो गुरुवार को गिरकर 30.9 डिग्री सेल्सियस रह गया।
शहर के प्रमुख और निचले इलाकों में बारिश का पानी भर गया। सुबह तक कुछ स्थानों से पानी उतर गया, लेकिन कई जगह कीचड़ और जलभराव बना रहा। ऑटो मार्केट रोड, सैनियान मोहल्ला, डोगरान मोहल्ला, राजीव नगर, शांति नगर, विजय नगर, मेहता नगर, उत्तम नगर, बड़वाली ढाणी, महावीर कॉलोनी, न्यू महावीर कॉलोनी, भामाशाह नगर, अर्बन एस्टेट, दिल्ली रोड, पटेल नगर, जवाहर नगर, नई सब्जी मंडी, मिल गेट और 12 क्वार्टर क्षेत्र में लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। सुबह स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और उनके अभिभावकों को भी पानी और कीचड़ के बीच से गुजरना पड़ा।
बिजली के खंभे में करंट से दो गाय और कुत्ते की मौत
बालसमंद रोड स्थित भामाशाह नगर में जलभराव के बीच बिजली के खंभे में करंट आने से दर्दनाक हादसा हो गया। खंभे के संपर्क में आने से दो गाय और एक कुत्ते की मौत हो गई। बताया गया कि बारिश के कारण गली में पानी भर गया था। इसी दौरान बिजली के खंभे में करंट उतरने से तीन बेजुबान उसकी चपेट में आ गए।
मौसम में परिवर्तन रहेगा जारी : डॉ. मदन
एचएयू मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ का कहना है कि मानसून ट्रफ की अक्षय रेखा की उत्तरी सीमा जैसलमेर, राजगढ़, बैतूल, गोपालपुर से होती हुई उत्तरपूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी है। इससे हरियाणा में मानसून की सक्रियता में कमी बनी हुई है। इसके साथ कुछ नमी वाली हवाएं छत्तीसगढ़ से होते हुए महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान से भी राज्य की तरफ आ रही हैं, जिससे बीच-बीच में आंशिक बादलवाही बनी हुई है।
उनका कहना है कि 15 सितंबर से मानसून ट्रफ एक बार फिर से राज्य के आसपास आने की संभावना के चलते मानसून की सक्रियता में हल्की बढ़ोतरी हुई है। इससे राज्य में 18 सितंबर के दौरान ज्यादातर स्थानों पर हवाओं व गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आने की संभावना है।





