
हिसार: इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति को दिए गए कार्यकाल विस्तार का कड़ा विरोध करते हुए इसे चौंकाने वाला, अनुचित और संदिग्ध बताया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के राज्यपाल एवं कुलाधिपति असीम कुमार घोष द्वारा प्रो. नरसी राम बिश्नोई को ऐसे समय में कार्यकाल विस्तार दिया जाना, जब उनके खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच चल रही है, प्रशासनिक पारदर्शिता और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
प्रो. संपत सिंह ने बुधवार काे कहा कि प्रो. नरसी राम बिश्नोई उन चार कुलपतियों में शामिल हैं, जिनके खिलाफ हरियाणा सरकार ने सतर्कता जांच (विजिलेंस इंक्वायरी) के आदेश दिए हैं। आरोपों में नियमों के विरुद्ध नियुक्तियां करना और विश्वविद्यालय को वित्तीय नुकसान पहुंचाना शामिल है। इन मामलों की जांच वर्तमान में एंटी-करप्शन ब्यूरो द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधान महालेखाकार (ऑडिट), हरियाणा की रिपोर्ट में भी विश्वविद्यालय में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं पर आपत्ति जताई गई है। इनमें सहायक प्रोफेसर को 1.49 करोड़ के संदिग्ध भुगतान, अयोग्य फर्मों को 89.89 लाख का भुगतान, बिना स्वीकृति 89.75 लाख के कार्यों का निष्पादन तथा वाहनों पर अनावश्यक खर्च शामिल हैं। मार्च 2026 की रिपोर्ट में 29 ऑडिट पैरा हैं, जो स्पष्ट रूप से वित्तीय कुप्रबंधन, नियमों के उल्लंघन और अवैध नियुक्तियों की ओर संकेत करत हैं।





