Hisar: प्रो. नरसी राम बिश्नोई बोले- छात्रों का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता

हिसार: गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने शुक्रवार को हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस (एचएसबी) का दौरा कर शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवप्रवेशी विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया।
इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के बीच बैठकर कक्षाओं का निरीक्षण किया, उनकी शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया तथा विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों और संभावनाओं से उन्हें अवगत कराया।
नवप्रवेशी विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय परिवार में स्वागत करते हुए कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल उच्च शिक्षा प्रदान करने का संस्थान नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को तराशने, व्यक्तित्व को निखारने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और नवाचार की सोच को प्रोत्साहित करने का सशक्त केंद्र है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री अर्जित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कार, कौशल और आत्मविश्वास से समृद्ध कर समाज व राष्ट्र निर्माण के योग्य बनाना है।
उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुशासन, समय प्रबंधन और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यही गुण उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने में सक्षम बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि गुजविप्रौवि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ ऐसा सकारात्मक, प्रेरणादायी और नवाचारोन्मुख वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां प्रत्येक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को पहचान सके, उसे निखार सके और राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सके।
प्रो. बिश्नोई ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की सबसे बड़ी शक्ति उसके शिक्षक और विद्यार्थी होते हैं। दोनों के बीच सतत संवाद, विश्वास और सहयोग ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से जिज्ञासु, सकारात्मक और सीखने के प्रति सदैव उत्सुक रहने का भी आह्वान किया।
दौरे के दौरान कुलपति ने विभाग के शिक्षकों के साथ भी विस्तृत चर्चा की। शिक्षकों ने उन्हें विभाग की शैक्षणिक उपलब्धियों, नवाचार आधारित गतिविधियों तथा भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया। कुलपति ने शिक्षकों से विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों को और अधिक प्रभावी बनाने, आधुनिक तकनीकों के समुचित उपयोग तथा शोध, नवाचार और कौशल विकास को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और भविष्य के निर्माता भी होते हैं। इस अवसर पर विभाग के शिक्षकों ने कुलपति का स्वागत करते हुए उन्हें विभाग की विभिन्न शैक्षणिक एवं अकादमिक गतिविधियों की जानकारी भी दी।





