
हिसार: गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा है कि प्रिंटिंग केवल कागज पर अक्षर छापने की प्रक्रिया नहीं, यह विचारों को समाज तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। समय के साथ प्रिंटिंग ने स्वयं को बदला है, विकसित किया है और नई तकनीकों को अपनाया है।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई बुधवार काे विश्वविद्यालय के प्रिंटिंग विभाग के सौजन्य से प्रिंटिंग दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित टेकफेस्ट एवं सेमीनार को संबोधित कर रहे थे। विशिष्ट अतिथि डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. योगेश चाबा रहे। डीन फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी प्रो. संदीप कुमार आर्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. वंदना ने की। प्रिंटिंग के जनक जोनस गुटेनबर्ग के जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित किए गए कार्यक्रम में कुलपति ने कहा कि आने वाले समय में प्रिंटिंग उद्योग और अधिक स्मार्ट, कनेक्टेड और डेटा-ड्रिवन होगा। विशेषरूप से थ्री-डी प्रिंटिंग, स्मार्ट पैकेजिंग तथा इन्ट्रक्टिव प्रिंट का महत्व निरंतर बढ़ रहा है।
कुलपति ने कहा कि वर्तमान में पर्यावरण संरक्षण भी हमारी प्रथामिकता है। ग्रीन और सस्टेनेबल प्रिंटिंग की दिशा में जल आधारित स्याही, रिसाइकिल्ड पेपर, ऊर्जा कुशल मशीनें और कार्बन उत्सर्जन में कमी जैसे प्रयास सराहनीय हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी उतनी ही मजबूत रहे। ऐसे में विश्वविद्यालय की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने खुशी व्यक्त की कि गुजविप्रौवि इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
प्रो. योगेश चाबा ने कहा कि प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग आज के समय में उभरते हुए क्षेत्र हैं, जिनमें रोजगार की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। उन्होंने बताया कि प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभाग प्रारंभ से ही उत्कृष्ट प्लेसमेंट के लिए जाना जाता रहा है। डीन फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी प्रो. संदीप कुमार आर्य ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार होता है। विभागाध्यक्ष डॉ. वंदना ने बताया कि इस वर्ष कार्यक्रम का थीम ‘भविष्य का प्रिंट’ रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए प्रिंट-क्विज, प्रिंट एक्सटेम्पोर, प्रिंट पोस्टर डिजाइन, रंगोली एवं प्रिंट-प्रेजेंटेशन जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें विभाग के करीब 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
ये रहे विजेता कार्यक्रम के मुख्य संयोजक डॉ. बिजेंद्र कौशिक ने बताया कि रंगोली प्रतियोगिता में बी.टेक तृतीय वर्ष की छात्राएं कुसुम एवं लावण्या ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रिंट एक्सटेम्पोर प्रतियोगिता में सत्य देव सिंह एवं सलोनी ने प्रभावशाली अभिव्यक्ति के साथ प्रथम स्थान हासिल किया। प्रिंट प्रेजेंटेशन में ऋतेश विजेता रहे, जबकि पोस्टर डिजाइन प्रतियोगिता में बी.टेक तृतीय वर्ष के छात्र साहिल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रिंट क्विज प्रतियोगिता में ‘रंगीला रोलर्स’ टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान अर्जित किया। विजेताओं को सम्मानित किया गया।





