Hisar: पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने संभाला मोर्चा, घर-घर जागरूकता अभियान

हिसार: जिला पुलिस का नशा मुक्त हिसार अभियान अब जागरूकता से आगे बढ़कर नशे की लत से जूझ रहे लोगों के उपचार और पुनर्वास का माध्यम बन रहा है। पुलिस टीम अब घर-घर पहुंचकर नशा पीड़ितों की पहचान कर रही है, उन्हें दवाइयां उपलब्ध करा रही है, काउंसलिंग करवा रही है और नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाकर नई जिंदगी देने का प्रयास कर रही है।
नशा मुक्ति टीम प्रभारी एसआई हवा सिंह के नेतृत्व में टीम ने शुक्रवार को थाना एचटीएम एवं थाना शहर हिसार क्षेत्र की अंबेडकर कॉलोनी, विकास नगर और 12 क्वार्टर गांधी डेयरी कॉलोनी में विशेष जनसंपर्क एवं पुनर्वास अभियान चलाया। अभियान के दौरान पुलिस टीम ने कॉलोनीवासियों, नशा पीड़ितों और उनके परिजनों से सीधे संवाद किया। टीम ने नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए लोगों को उपचार के लिए प्रेरित किया। साथ ही क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करों के संबंध में लोगों से गोपनीय जानकारी भी एकत्रित की।
अभियान में दो नए नशा पीड़ितों की पहचान की गई, वहीं पांच नशा पीड़ितों को नागरिक अस्पताल हिसार से एलोपैथिक एवं आयुर्वेदिक दवाइयां उपलब्ध करवाई गईं। इसके अलावा छह नशा पीड़ितों के घर पहुंचकर पहली बार आयुर्वेदिक दवा उपलब्ध कराई गई, जबकि दो लोगों को दूसरी बार सरकारी अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र से उपचार दिलाया गया।
पुलिस के अनुसार अभियान के दौरान कुल 13 नशा पीड़ितों को दवाइयां उपलब्ध करवाई गईं। उनका ब्लड टेस्ट, स्वास्थ्य परीक्षण और काउंसलिंग भी करवाई गई। अभियान की सबसे सकारात्मक उपलब्धि यह रही कि पुलिस टीम के लगातार प्रयासों से एक नशा पीड़ित स्वयं प्रेरित होकर नागरिक अस्पताल हिसार के नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती हुआ, जहां उसका उपचार शुरू कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन का कहना है कि नशे की समस्या का समाधान केवल कानून लागू करने से संभव नहीं है, बल्कि नशा पीड़ितों को समय पर उपचार, परामर्श और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हिसार पुलिस एक ओर नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को मुख्यधारा में लौटाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की लत से जूझ रहा है तो उसे छिपाने के बजाय उपचार के लिए आगे लाएं। साथ ही नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी सूचना की जानकारी पुलिस को दें।





