
हिसार: नारनौंद क्षेत्र के गांव कोथकलां निवासी एक युवक से हुई साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए बैंक कर्मचारी बनकर एटीएम पिन हासिल करने वाले आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से ठगी की गई राशि में से 25 हजार रुपए बरामद किए गए हैं।
हांसी के पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन ने बुधवार काे बताया कि साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत साइबर थाना हांसी में तैनात हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार की टीम ने तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोचा।
जांच अधिकारी के अनुसार शिकायतकर्ता कोंथ कलां निवासी प्रदीप कुमार ने पुलिस को बताया कि उन्होंने बैंक से लोन लिया हुआ था और उसकी साप्ताहिक किश्त कटती थी। पिछले वर्ष 23 मार्च को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए साप्ताहिक किश्त को मासिक किश्त में बदलने का झांसा दिया और कहा कि इससे ब्याज कम लगेगा। इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल कर प्रदीप से उनके एटीएम पिन नंबर की जानकारी मांगी। झांसे में आकर प्रदीप ने अपना पिन साझा कर दिया।
कुछ ही देर में उनके बैंक खाते से एक लाख 32 हजार 500 रुपए निकाल लिए गए। बाद में जब उन्होंने बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि कॉल फर्जी थी और वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। प्रदीप की शिकायत के आधार पर साइबर थाना हांसी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान, पुलिस टीम ने आरोपी बिहार निवासी राकेश को बिहार से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी की गई राशि में से 25 हजार रुपए बरामद कर लिए हैं।





