हरियाणा

Hisar: फंड रिलीज के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

Admindelhi1
26 May 2026 11:30 AM IST
Hisar: फंड रिलीज के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
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हिसार में साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश, जांच जारी

हिसार: जिला पुलिस की साइबर थाना पुलिस टीम ने आमजन को फंड रिलीज एवं बीमा राशि दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को फोन कर स्वयं को विभिन्न संस्थाओं का अधिकारी बताकर विश्वास में लेते थे तथा फंड ट्रांसफर एवं प्रोसेसिंग के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाकर धोखाधड़ी करते थे।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मयंक मुदगिल ने साेमवार काे बताया कि साइबर टीम तकनीकी अनुसंधान, बैंक खातों की गहन जांच एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंची। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, फर्जी सिम एवं फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से बैंक खाते खुलवाकर साइबर धोखाधड़ी का संगठित नेटवर्क संचालित कर रहे थे।

गिरफ्तार किए गये आरोपियों की पहचान पश्चिमी बंगाल के हावड़ा निवासी मोहम्मद मोशिरूल हकर उर्फ उत्सव उपाध्याय, मुंबई निवासी भरत जनक सिंह कापडिया उर्फ राम प्रसाद नाना मुंबई, पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर निवासी सुभाष कुमार व दिल्ली के लक्ष्मी नगर निवासी साहिल गुसाई के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपियों से 24 चैक बुक, 12 एटीएम कार्ड, दो आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, पांच लाख नकद, दो कंप्यूटर सैट, प्रिंटर, 28 फिनो इंस्टा एटीएम किट, चार एनएसडीएल इंस्टा एटीएम किट, 18 पास बुक, 9 एटीएम कार्ड, दो आधार कार्ड, पैन कार्ड सिल्ड 18 बरामद हुए हैं।

एएसपी ने बताया कि जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से फर्जी अंगुल छाप तैयार करने संबंधी उपकरण एवं सामग्री भी बरामद हुई है, जिनका उपयोग बैंकिंग एवं पहचान सत्यापन प्रक्रिया में धोखाधड़ी करने के लिए किया जाता था। आरोपी विभिन्न बैंक खातों में ठगी की राशि ट्रांसफर कर एटीएम विड्रॉल, आरटीजीएस एवं नकद निकासी के माध्यम से रकम को इधर-उधर स्थानांतरित करते थे। एएसपी के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय होकर लोगों को साइबर ठगी का शिकार बना रहा था। पुलिस द्वारा आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है तथा गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों एवं बैंक खातों के संबंध में जांच जारी है।

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