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Hisar: हिसार में शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एमओयू हस्ताक्षरित

Admindelhi1
9 Jun 2026 11:20 AM IST
Hisar: हिसार में शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एमओयू हस्ताक्षरित
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गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय ने सांस्कृतिक गौरव संस्थान के साथ मिलाया हाथ

हिसार: गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और सांस्कृतिक गौरव संस्थान के बीच ‘श्री अशोक सिंघल अध्ययन-शोध पीठ’ की स्थापना के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और पर्यावरणीय चेतना के क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान तथा अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है।

एमओयू पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई, सांस्कृतिक गौरव संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष कपिल खन्ना, विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा, कुलसचिव डॉ. विजय कुमार तथा अंतरराष्ट्रीय मामलों के अधिष्ठाता प्रो. ओपी सांगवान ने हस्ताक्षर किए।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली, सांस्कृतिक मूल्यों और पर्यावरणीय चेतना को शिक्षा एवं अनुसंधान से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह अध्ययन-शोध पीठ भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, सामाजिक समरसता, संस्कृत एवं वैदिक अध्ययन तथा नीति-आधारित शोध को नई दिशा प्रदान करेगी।

कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने कहा कि यह सहयोग विश्वविद्यालय और समाज के बीच ज्ञान, संस्कृति तथा मूल्यों के आदान-प्रदान को मजबूत करेगा। इससे मूल्यपरक शिक्षा और समाजोन्मुखी अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा तथा युवा पीढ़ी भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा से अधिक गहराई से जुड़ सकेगी।

अंतरराष्ट्रीय मामलों के अधिष्ठाता प्रो. ओपी सांगवान ने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली की वैश्विक स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता को देखते हुए यह पहल अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक और शोध सहयोग के नए अवसर प्रदान करेगी।

सांस्कृतिक गौरव संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष कपिल खन्ना ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, संस्कारों, सामाजिक समरसता और संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। वहीं विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने राष्ट्र निर्माण में सांस्कृतिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

इस अवसर पर प्रो. योगेश चाबा, प्रो. विनोद छोकर, डॉ. प्रियंका सहित विश्वविद्यालय और संस्थान के अनेक पदाधिकारी, शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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