
हिसार: हरियाणा रोडवेज सांझा संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि डिपो महाप्रबंधक को 29 अप्रैल को सौंपे गए मांगपत्र पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। समिति ने महाप्रबंधक के रवैये पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इस संबंध में डिपो कार्यशाला में सांझा संघर्ष समिति की विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें कर्मचारियों की लंबित मांगों और प्रशासनिक उदासीनता पर चर्चा की गई। बैठक में मौजूद नेताओं ने कहा कि 5 जून को मुख्यालय के संयुक्त निदेशक, सांझा मोर्चा तथा हिसार प्रशासन की ओर से एसडीएम की मध्यस्थता में 15 दिन का समय मांगा गया था, जिसकी अवधि 21 जून को पूरी हो रही है।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यदि निर्धारित समय तक कर्मचारियों के वित्तीय भत्तों का भुगतान और अन्य लंबित मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आगामी रणनीति तय कर बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। उन्होंने इसके लिए डिपो प्रबंधन और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 23 जून को राज्य स्तरीय सांझा मोर्चा तथा अन्य यूनियनों के राज्य प्रधानों और महासचिवों को हिसार में आमंत्रित किया जाएगा। इस संयुक्त बैठक में कर्मचारियों के वित्तीय एवं अन्य लंबित मुद्दों तथा डिपो महाप्रबंधक की कार्यशैली पर चर्चा की जाएगी।
उधर, कर्मचारियों का धरना लगातार 35वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता अजय दुहन ने की, जबकि मंच संचालन अरुण शर्मा ने किया। वक्ताओं ने कर्मचारियों से एकजुट रहकर अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने का आह्वान किया।
सांझा संघर्ष समिति के प्रेस प्रवक्ता Sandeep Jainawas ने कहा कि यदि कर्मचारियों के लंबित वित्तीय भत्तों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर बजरंग लाखा, अमित जुगलान, कर्मवीर मसूदपुर, जितेंद्र शर्मा, अनूप श्योकंद, पवन कनोह, जोगेंद्र पंघाल, मंजीत सोरखी, नरेंद्र खरड़, राजेश सेलवाल और रमेश प्रभवाला सहित विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।





