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Hisar: कृषि डील से किसानों को नुकसान का दावा

Admindelhi1
24 Feb 2026 7:14 PM IST
Hisar: कृषि डील से किसानों को नुकसान का दावा
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ट्रेड समझौता किसानों के खिलाफ: चढ़ूनी

हिसार: किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच कृषि को लेकर हुई ट्रेड डील किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि विदेशी कृषि उत्पाद सस्ती दरों पर भारत में आए तो देश के किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिलेगा।

गुरनाम सिंह चढूनी यहां मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के बैनर तले किसानों के प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे। किसानों ने कृषि, चिकित्सा, शिक्षा और बिजली से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने 23 मार्च को पीपली में प्रस्तावित रैली के लिए किसानों को आमंत्रित किया। गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच कृषि को लेकर हुई ट्रेड डील से करोड़ों किसान आर्थिक संकट में फंस सकते हैं और देश की खाद्य सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा सकता है। उन्होंने मांग की कि इस डील को तुरंत वापस लिया जाए और किसान संगठनों से चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए।

प्रदर्शन के दौरान प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए। किसानों का कहना था कि प्राइवेट अस्पतालों में इलाज महंगा होता जा रहा है और दवाइयों की कीमतों पर कोई ठोस नियंत्रण नहीं है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और जांच सुविधाओं की कमी से आमजन परेशान है। मांग की गई कि आम जनता को भी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की तरह मुफ्त या सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। शिक्षा के मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए कहा गया कि निजी स्कूलों में बढ़ती फीस, हर साल किताबें बदलने और निर्धारित दुकानों से सामान खरीदने की शर्तों को गलत बताया गया। साथ ही सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, किसानों की कर्जमाफी, बीज बिल पर पुनर्विचार और बिजली संशोधन विधेयक को वापस लेने की मांग उठाई गई।

किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 23 मार्च से पहले मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनाज मंडी पिपली, कुरुक्षेत्र से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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