हरियाणा

Hisar: हड़प्पा कालीन इतिहास को जानने के लिए राखीगढ़ी में विस्तार से होगा उत्खनन

Admindelhi1
6 Jun 2026 11:06 AM IST
Hisar: हड़प्पा कालीन इतिहास को जानने के लिए राखीगढ़ी में विस्तार से होगा उत्खनन
x

हिसार: विश्व प्रसिद्ध हड़प्पा सभ्यता स्थल राखीगढ़ी में चल रहे उत्खनन के दौरान महत्वपूर्ण संकेत मिले हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को खुदाई में ऐसे स्ट्रक्चर मिले हैं जो टीलों की सीमाओं से बाहर की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद विभाग ने अब टीलों के बाहरी क्षेत्रों में भी खुदाई करने की योजना बनाई है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की उत्खनन शाखा-द्वितीय, ग्रेटर नोएडा के अधीक्षण पुरातत्वविद मनोज सक्सेना के नेतृत्व में 22 जनवरी से पांचवें चरण की खुदाई जारी है। इस चरण का मुख्य उद्देश्य टीलों के किनारों पर ट्रेंच लगाकर प्राचीन सभ्यता के वास्तविक स्वरूप और विस्तार का अध्ययन करना है।

खुदाई के दौरान टीला संख्या 1, 2, 3, 5 और 7 के किनारों पर मिले अवशेषों से पता चला है कि प्राचीन संरचनाएं टीलों की वर्तमान सीमाओं से आगे तक फैली हो सकती हैं। इसी आधार पर अब आसपास के खेतों और बाहरी क्षेत्रों में भी वैज्ञानिक उत्खनन की तैयारी की जा रही है।

राखीगढ़ी का पुरास्थल लगभग 550 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ माना जाता है और इसे दुनिया की सबसे बड़ी हड़प्पा सभ्यता स्थलों में से एक माना जाता है। यदि बाहरी क्षेत्रों में भी संरचनात्मक अवशेष मिलते हैं तो इस प्राचीन सभ्यता का ज्ञात क्षेत्रफल और अधिक बढ़ सकता है।

मनोज सक्सेना के अनुसार, इस बार टीलों के बाहरी कोनों पर विशेष रूप से खुदाई इसलिए की गई थी ताकि सभ्यता की वास्तविक सीमा और स्वरूप को समझा जा सके। प्रारंभिक निष्कर्षों से संकेत मिले हैं कि सभ्यता का विस्तार वर्तमान अधिग्रहित क्षेत्र से आगे तक हो सकता है, जिससे राखीगढ़ी के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ सकता है।

Next Story