
हिसार: लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के पशु प्रजनन एवं प्रसूति विज्ञान विभाग की प्रतिभाशाली शोधार्थी डॉ. बुलबुल ने एक उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के प्रमुख संस्थान आईसीएआर-राष्ट्रीय पशु रोग महामारी विज्ञान एवं रोग सूचना विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु द्वारा संचालित प्रतिष्ठित पीएच.डी. इनलीड फेलोशिप कार्यक्रम के लिए हुआ है।
यह फेलोशिप देश में पशुधन रोग महामारी विज्ञान तथा रोग मॉडलिंग जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और उभरते हुए क्षेत्रों में उच्च स्तरीय शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदान की जाती है। इस फेलोशिप के लिए देशभर से प्राप्त आवेदनों में से अभ्यर्थियों का चयन कठोर शैक्षणिक मूल्यांकन तथा साक्षात्कार प्रक्रिया के माध्यम से किया गया, जिसमें डॉ. बुलबुल ने अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध क्षमता तथा विषयगत दक्षता के आधार पर स्थान बनाया।
फेलोशिप के अंतर्गत डॉ. बुलबुल को अधिकतम ३६ माह की अवधि तक प्रतिमाह 42 हजार रुपये की समेकित छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उनके शोध कार्य को गति देने के लिए प्रतिवर्ष लगभग 2.05 लाख रुपये तक की अनुसंधान अनुदान राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। यह सहयोग उन्हें आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों के माध्यम से पशुधन रोगों की रोकथाम, विश्लेषण तथा पूर्वानुमान संबंधी शोध कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में सहायक होगा।
डॉ. बुलबुल ने लुवास में पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश भी प्राप्त कर लिया है। उन्होंने अपना स्नातकोत्तर अध्ययन (एमवीएससी) डॉ. सोनू कुमारी के मार्गदर्शन में पूर्ण किया। उनके पीएचडी शोधकार्य के लिए डॉ. ज्ञान सिंह को प्रमुख मार्गदर्शक नियुक्त किया गया है, जबकि विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार पांडे के निर्देशन में यह शोध कार्य संपन्न होगा। साथ ही, आईसीएआर-निवेदी के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक भी उनकी सलाहकार समिति का हिस्सा होंगे।





